पब्लिक वाणी खास खबर : अब लैंड रीसाइकिलिंग, सिंगल मकानों को मल्टी यूनिट बिल्डिंग में कर सकेंगे तब्दील

Public Vani Khas Khabar : अनुमति तभी मिलेगी जब बुनियादी जरूरतों और उपलब्धता की डिटेल रिपोर्ट तैयार की जाए

पब्लिक वाणी खास खबर : अब लैंड रीसाइकिलिंग, सिंगल मकानों को मल्टी यूनिट बिल्डिंग में कर सकेंगे तब्दील

मुक्तेश रावत @ भोपाल

घरों-संस्थानों से निकलने वाले गंदे पानी, कचरे, निर्माण व विध्वंस सामग्री की रीसाइकिलिंग के बारे में आपने सुना होगा, लेकिन अब लैंड रीसाइकिलिंग का कॉन्सेप्ट लाया जा रहा है। इसमें ऐसे प्लॉट जिन पर सिंगलेक्स या डुप्लेक्स बने हैं, उन्हें मल्टी यूनिट बिल्डिंग में तब्दील किया जा सकेगा। हालांकि, इसकी अनुमति तभी मिलेगी जब वॉटर सप्लाई, सीवरेज सिस्टम, पार्किंग की जरूरत और सुविधाओं व सेवाओं की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाए। रिपोर्ट में यह स्पष्ट बताना होगा कि मकानों या लोगों की संख्या बढ़ने पर इन बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था कैसे की जाएगी। मास्टर प्लान 2047 के ड्राफ्ट में यह प्रस्तावित किया गया है। मसौदे में कहा गया है कि वर्तमान में विकसित क्षेत्रों में भूखंडीय विकास मुख्य तौर से सिंगल या संयुक्त परिवारों के रहने के लिए किया गया था। इन इलाकों में वॉटर सप्लाई, सीवरेज सिस्टम की व्यवस्था भी इन्हीं जरूरतों के अनुसार की गई थी। पर अब यह क्षेत्र विकसित स्थानों का हिस्सा बन चुके है, इसलिए इन प्लॉट का मल्टी यूनिट विकास यानी एकल या संयुक्त परिवार प्लॉट का बहु परिवार यूनिट में परिवर्तन काफी पसंद किया जा रहा है।

रिपोर्ट देख अफसर तय करेंगे परमिशन देना है या नहीं

योजनाकार अफसरों ने यह भी आशंका जताई है कि यह मल्टी यूनिट डेवलपमेंट बिना आवश्यक योजना के किया गया तो जल आपूर्ति, सीवरेज, पार्किंग व अन्य सुविधाओं व सेवाओं पर काफी दबाव पड़ेगा। ऐसे में परिवर्तन की अनुमति के लिए बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर पर पड़ने वाले असर और प्रोजेक्ट होने के बाद वहां बसने वाले लोगों की जरूरत पूरी करने लायक इंफ्रास्ट्रक्चर की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करना जरूरी होगा। यह देखने के बाद ही संबंधित अफसर तय करेंगी कि मल्टी यूनिट डेवलपमेंट की अनुमति दी जा सकती है या नहीं।

डेवलपमेंट रूल्स की समीक्षा जरूरी, लैंड रीसाइकिलिंग को दें बढ़ावा

स्टडी का हवाला देते हुए ड्राफ्ट में कहा गया है कि रहने लायक आवासीय क्षेत्रों को विकसित करने में दस साल से अधिक का समय लगता है। इस प्रक्रिया को और तेज करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत बदलावों की जरूरत है। सुझाया गया है कि लैंड डेवलपमेंट के लिए सार्वजनिक एजेंसियों के प्रयासों को संगठित करने और तालमेल बनाने की जरूरत है। जमीन और संसाधनों ऐसी की पूलिंग कर पब्लिक यूटिलिटिज और शहर के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाना चाहिए।

सरकार से उम्मीद की गई है कि नीतियों को बढ़ावा दिया जाए जो लैंड रीसाइकिलिंग और मकानों के जमीन की उपलब्धता को आसान बनाती हो। यह भी जरूरत बताई गई है कि विकास मानदंडों जैसे मार्जिनल ओपन स्पेस, सेटबैक, फ्लोर एरिया रेशो, लैंड यूज और लागत आदि की समीक्षा की जाना चाहिए।

इसके अलावा वर्तमान आवासीय क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए नीति बनाने की जरूरत है। दो महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं। इसके मुताबिक स्वीकार्य आवासीय क्षेत्रों और रेसीडेंशियल यूनिट के निर्माण को नियमित करने के लिए पॉलिसी बनाई जाना चाहिए। साथ ही योजना और विकास की अनुमति की प्रक्रिया को सरल बनाया जाना चाहिए।