पब्लिक वाणी खास खबर : दीपावली के बाद होगी मास्टर प्लान के दावे-आपत्तियों पर सुनवाई, अगले साल फाइनल जारी होने की संभावना

Public Vani Khas Khabar : भोपाल मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट पर 12 हजार से अधिक आपत्तियां मिली हैं। दीपावली के बाद सुनवाई शुरू होने की संभावना है। अंतिम मास्टर प्लान अगले साल लागू हो सकता है।

पब्लिक वाणी खास खबर : दीपावली के बाद होगी मास्टर प्लान के दावे-आपत्तियों पर सुनवाई, अगले साल फाइनल जारी होने की संभावना

मुक्तेश रावत @ भोपाल

भोपाल के मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट पर जनता और विशेषज्ञों से 12,000 से अधिक आपत्तियां और सुझाव प्राप्त हुए हैं। इतनी बड़ी संख्या में मिली आपत्तियों के कारण अब इनकी स्क्रूटनी (जांच) और सुनवाई की प्रक्रिया में समय लगना तय है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, अब इन आपत्तियों पर आधिकारिक सुनवाई दीपावली के त्योहार के बाद ही शुरू हो पाना संभव लग रहा है। ऐसे में फाइनल मास्टर प्लान अगले साल तक लागू हो सकता है।

भोपाल का मास्टर प्लान ड्राफ्ट 21 साल के लंबे इंतजार के बाद 26 सितंबर को जारी किया गया था। इस पर 30 दिन में दावे-आपत्तियां बुलाए गए थे। यह मियाद 24 अक्टूबर को रात 12 बजे खत्म हो गई। इस अवधि में 12 हजार से अधिक दावे-आपत्तियां टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) को मिले हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 12 हजार से ज्यादा आवेदनों को श्रेणीवार (जैसे- लैंड यूज चेंज, सड़क चौड़ीकरण, ग्रीन बेल्ट, और कॉमर्शियल जोनिंग) अलग करने में काफी समय लग रहा है। इसके तुरंत बाद दीपावली का त्योहार और शासकीय अवकाश होने के कारण पूरी टीम त्योहार के बाद ही विस्तृत सुनवाई के लिए उपलब्ध हो पाने की संभावना है।

इन पर सर्वाधिक आपत्तियां

कैचमेंट एरिया और लैंड यूज- लगभग 60 फीसदी आपत्तियां बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया में 70 से अधिक गांवों को शामिल करने, कृषि और ग्रीन बेल्ट की जमीन को आवासीय घोषित करने की मांग को लेकर है।

सड़कों का एलाइनमेंट प्रस्तावित 18 मीटर चौड़ी सड़कों और खास तौर से टाइगर मूवमेंट एरिया में प्रस्तावित सड़कों पर आपत्तियां हैं। मिसरोद की एक सड़क को लेकर भी विरोध है।

डूब क्षेत्र- लहारपुर के पास की करीब 643 एकड़ जमीन को डूब क्षेत्र से बाहर रखने के लिए स्थानीय निवासियों ने आपत्ति की है। 

प्रतिबंधित क्षेत्र- किसानों और भारतीय किसान

संघ ने बीआईजेड 1 और बीआईजेड 2 को हटाने, बैरागढ़ कलां व आसपास के गांवों की बसाहट वाली जमीन को प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर रखने की मांग की है।

एक महीना सुनवाई में ही लगेगा, फिर डायरेक्टर को भेजा जाएगा

मास्टर प्लान की तय प्रक्रिया के मुताबिक मसौदे पर मिली दावे-आपत्तियों की सुनवाई विशेष कमेटी करेगी। इसमें जिले के सांसद, विधायक, पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के साथ ही अफसर और विषय विशेषज्ञ शामिल रहेंगे। सुनवाई शुरू होने के पहले एक जैसे दावे-आपत्तियों को एकजाई किया जाएगा। अन्य आपत्तियों का भी ग्रुप बनाया जाएगा। फिर किस आपत्ति के लिए कौन सा दिन और स्लॉट दिया जाना है, यह तय किया जाएगा। इस शेड्यूल के मुताबिक सुनवाई की जाएगी। अब तक ड्राफ्ट पर हुई सुनवाई पर ध्यान दें तो टीएंडसीपी के भोपाल ऑफिस के संयुक्त संचालक की मौजूदगी में शासन से अधिकृत अफसर आपत्तिकर्ताओं की बात सुनेंगे। यह कवायद एक महीने तक चल सकती है। 

इसके बाद सुनवाई करने वाले अफसर आपत्ति उचित मिलने पर संबंधित प्रस्ताव में संशोधन की सिफारिश करेंगे। ड्राफ्ट के साथ इसका विस्तृत स्वरूप टीएंडसीपी के डायरेक्टर को भेजेंगे। फिर डायरेक्टर प्रस्तावित संशोधनों पर निर्णय लेकर अंतरिम मसौदा शासन को भेजेंगे। वहां से हरी झंडी मिलने पर फाइनल प्लान लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। ऐसे में इसके लिए अगले साल तक इंतजार करना पड़ सकता है।