Eye Drops Side Effects: बिना डॉक्टर की सलाह आईड्रॉप डालना पड़ सकता है भारी, जा सकती है आंखों की रोशनी
आंखों में जलन, खुजली या लालिमा होने पर बिना डॉक्टर की सलाह आईड्रॉप इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है. खासकर स्टेरॉयड वाली ड्रॉप्स के गलत इस्तेमाल से आंखों का दबाव बढ़ने, ग्लूकोमा और मोतियाबिंद का खतरा रहता है. जानिए गलत आईड्रॉप के बड़े नुकसान, संक्रमण का जोखिम और आंखों की रोशनी सुरक्षित रखने के जरूरी उपाय.
Eye Drops Side Effects: आंखों में लालिमा, खुजली या जलन होने पर अक्सर लोग बिना सोचे-समझे आईड्रॉप का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं. कुछ लोग मेडिकल स्टोर से दवा खरीद लेते हैं, तो कुछ घर में पहले से रखी आईड्रॉप आंखों में डाल लेते हैं. शुरुआत में भले ही इससे थोड़ी राहत मिल जाए, लेकिन यह आदत आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकती है. खासकर स्टेरॉयड वाली आईड्रॉप का गलत इस्तेमाल आंखों की गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है. इसलिए आंखों में किसी भी तरह की परेशानी होने पर खुद से दवा डालने से बचना चाहिए. आइए जानते हैं गलत आईड्रॉप इस्तेमाल करने के 3 बड़े नुकसान और जरूरी सावधानियां.
स्टेरॉयड आईड्रॉप बढ़ा सकती है आंखों का दबाव
आंखों की सूजन और कुछ विशेष समस्याओं के इलाज में डॉक्टर स्टेरॉयड वाली आईड्रॉप देते हैं. हालांकि, इनका इस्तेमाल बिना चिकित्सकीय सलाह के करना खतरनाक हो सकता है. लंबे समय तक स्टेरॉयड ड्रॉप्स डालने से आंखों के अंदर दबाव बढ़ सकता है, जिससे ग्लूकोमा यानी काला मोतिया होने का खतरा रहता है. इस स्थिति में आंखों की ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंच सकता है और धीरे-धीरे देखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा स्टेरॉयड के लगातार इस्तेमाल से मोतियाबिंद का जोखिम भी बढ़ सकता है. इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति की पर्ची पर लिखी दवा या पहले इस्तेमाल की गई स्टेरॉयड ड्रॉप्स दोबारा न डालें.
गलत आईड्रॉप से बिगड़ सकती है आंखों की समस्या
आंखों में जलन, खुजली और लालिमा दिखने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. यह एलर्जी, ड्राई आई, वायरल संक्रमण या बैक्टीरियल इन्फेक्शन की वजह से भी हो सकता है. हर समस्या के लिए अलग तरह की दवा की जरूरत होती है. ऐसे में बिना जांच के एंटीबायोटिक या दूसरी आईड्रॉप इस्तेमाल करने से सही इलाज में देरी हो सकती है. खासतौर पर स्टेरॉयड ड्रॉप्स कुछ संक्रमणों को और गंभीर बना सकती हैं. कई बार लक्षण कुछ समय के लिए कम हो जाते हैं, लेकिन बीमारी अंदर ही अंदर बढ़ती रहती है. इसलिए केवल लक्षण देखकर दवा का चुनाव करना सही नहीं है.
पुरानी और एक्सपायर आईड्रॉप भी हो सकती है खतरनाक
कई लोग आंखों की परेशानी होने पर घर में रखी पुरानी आईड्रॉप इस्तेमाल कर लेते हैं. ऐसा करना भी संक्रमण का कारण बन सकता है. आईड्रॉप की बोतल खुलने के बाद उसमें बैक्टीरिया पहुंचने की आशंका रहती है, खासकर जब उसकी नोक आंख, हाथ या किसी दूसरी सतह को छू जाए. एक्सपायर दवा या किसी दूसरे व्यक्ति की इस्तेमाल की हुई बोतल से भी आंखों में संक्रमण फैल सकता है. इसलिए आईड्रॉप खरीदते और इस्तेमाल करते समय उसकी एक्सपायरी डेट जरूर देखें. बोतल खोलने के बाद कितने समय तक इस्तेमाल करना सुरक्षित है, इसकी जानकारी भी पैकिंग या डॉक्टर से लें.
आंखों में परेशानी होने पर अपनाएं ये सावधानियां
अगर आंखों में लगातार लालिमा, दर्द, खुजली, पानी आना, सूजन या धुंधला दिखाई देने जैसी समस्या हो, तो खुद से कोई आईड्रॉप इस्तेमाल न करें. आई स्पेशलिस्ट से जांच करवाएं और उनकी बताई दवा व निर्धारित मात्रा का ही इस्तेमाल करें. ड्रॉप डालने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं और बोतल की नोक को आंखों या किसी सतह से न छूने दें. डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बीच में बंद न करें और न ही उसकी मात्रा बढ़ाएं. अगर अचानक नजर कम होने लगे, आंख में तेज दर्द हो, चोट लगे या रोशनी के आसपास चमक दिखाई दे, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें. याद रखें, आंखें बेहद संवेदनशील होती हैं और छोटी सी लापरवाही भी आपकी नजर पर भारी पड़ सकती है.

