Karva Chauth 2026 : करवा चौथ पर बालत्व दोष! क्या नवविवाहिताएं रख सकती हैं पहला व्रत? जानें ज्योतिषियों की राय
Karva Chauth 2026 : करवा चौथ 2026 पर शुक्र के बालत्व दोष को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जानें 29 अक्टूबर के व्रत पर नवविवाहिताओं के लिए ज्योतिषाचार्यों की क्या राय है।
Karva Chauth 2026 : लाइफस्टाइल डेस्क। करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। इस बार शुक्र ग्रह के बालत्व दोष को लेकर चर्चा हो रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शुक्र प्रेम, विवाह और वैवाहिक सुख का कारक माना जाता है। ऐसे में कुछ लोगों के मन में सवाल है कि क्या नवविवाहिताएं इस बार अपना पहला करवा चौथ व्रत रख सकती हैं।
क्या होता है बालत्व दोष?
ज्योतिष में ग्रहों की अलग-अलग अवस्थाएं मानी जाती हैं। ग्रह के उदय होने के शुरुआती दिनों में उसके प्रभाव को कम माना जाता है। इसी अवस्था को बाल्यावस्था या बालत्व दोष कहा जाता है। यह ज्योतिषीय मान्यता है, जिसका वैज्ञानिक प्रमाण स्थापित नहीं है।
शुक्र के उदय को लेकर अलग-अलग मत
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, शुक्र के उदय की तारीख को लेकर अलग-अलग पंचांगों में अंतर बताया गया है। कुछ पंचांग 28 अक्टूबर की तारीख बताते हैं, जबकि कुछ में 29 अक्टूबर का उल्लेख है। मान्यता है कि उदय के बाद शुक्र को पूर्ण प्रभाव में आने में कुछ दिन लगते हैं। इसी वजह से पहले करवा चौथ व्रत को लेकर चर्चा हो रही है।
नवविवाहिताएं रख सकती हैं पहला व्रत
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, शुक्र का उदय करवा चौथ व्रत शुरू करने के लिए पर्याप्त माना जा सकता है। नवविवाहिताएं इस वर्ष अपना पहला व्रत रख सकती हैं। यदि मन में कोई संदेह हो, तो सुहागिनों को सुहाग सामग्री दान करने जैसे उपाय किए जा सकते हैं। परिवार की परंपराओं का पालन करने वाली महिलाएं अपने पारिवारिक पंडित से भी सलाह ले सकती हैं।
व्रत रखने में बाधा नहीं मानते ज्योतिषाचार्य
आचार्य डॉ. विक्रमादित्य के अनुसार, बालत्व दोष को अशुभ मानकर व्रत छोड़ने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, पूजा-पाठ और व्रत को धार्मिक परंपरा में कल्याणकारी माना गया है। करवा चौथ पर महिलाएं करवा माता, भगवान गणेश और गौरी-शंकर की पूजा करेंगी। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करेंगी।
करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर को करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक बताया गया है। इस दौरान महिलाएं भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा कर सकती हैं। पूजा के साथ करवा चौथ की कथा सुनने और व्रत से जुड़ी परंपराओं का पालन करने का भी विशेष महत्व है।
कितने बजे निकलेगा चांद?
करवा चौथ का व्रत चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद पूरा होता है। इसलिए महिलाओं को चंद्रोदय का बेसब्री से इंतजार रहता है। चांद निकलने का समय अलग-अलग शहरों में भौगोलिक स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है।
29 अक्टूबर को प्रमुख शहरों में चांद निकलने का अनुमानित समय इस प्रकार है :
- दिल्ली: रात 8:17 बजे
- नोएडा: रात करीब 8:17 बजे
- चंडीगढ़: रात 8:12 बजे
- लखनऊ: रात 8:06 बजे
- जयपुर: रात 8:28 बजे
- पटना: रात 7:52 बजे
- कोलकाता: रात 7:47 बजे
- मुंबई: रात 9:00 बजे
- हैदराबाद: रात 8:41 बजे
- बेंगलुरु: रात 8:55 बजे

