MP में दिव्यांगों के UDID कार्ड पर लंबा इंतजार, 253 दिन तक पहुंचा औसत समय

MP News: मध्य प्रदेश में दिव्यांगजनों के UDID कार्ड बनने में लंबा समय लग रहा है। सामने आए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में UDID कार्ड जारी होने में औसतन 253 दिन तक का समय लग रहा है। वहीं हजारों आवेदन कई महीनों से लंबित हैं।

MP में दिव्यांगों के UDID कार्ड पर लंबा इंतजार, 253 दिन तक पहुंचा औसत समय

मध्य प्रदेश में दिव्यांगजनों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं और योजनाओं से जुड़ा UDID कार्ड इन दिनों चर्चा में है। इसकी प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर सामने आए आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार, राज्य में UDID कार्ड बनने में औसतन 253 दिन तक का समय लग रहा है। यानी कई मामलों में दिव्यांग आवेदकों को अपने कार्ड के लिए करीब आठ महीने या उससे भी ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है।

6 महीने से ज्यादा समय से हजारों आवेदन पेंडिंग

आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में 12 हजार से ज्यादा UDID आवेदन छह महीने से अधिक समय से पेंडिंग हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन भी हैं, जिन्हें जमा किए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।UDID कार्ड के लिए आवेदन करने वाले दिव्यांगजनों को जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होता है। इसके बाद मेडिकल जांच और दिव्यांगता प्रमाणन समेत कई स्तरों से प्रक्रिया गुजरती है। अलग-अलग स्तर पर देरी होने के कारण कार्ड जारी होने में समय बढ़ रहा है।

सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आती है परेशानी

UDID कार्ड दिव्यांगजनों के लिए एक अहम पहचान दस्तावेज है। इसका इस्तेमाल दिव्यांगता से जुड़ी सरकारी सुविधाओं और योजनाओं का लाभ लेने में किया जाता है। ऐसे में कार्ड बनने में देरी सिर्फ एक दस्तावेज मिलने में देरी नहीं है, बल्कि इससे कई लोगों के लिए सरकारी योजनाओं तक पहुंच की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।खासकर उन लोगों के लिए परेशानी ज्यादा है, जिन्हें किसी योजना, पेंशन, शिक्षा, रोजगार या अन्य सुविधा के लिए दिव्यांगता से जुड़े दस्तावेज की जरूरत होती है।

संसद में भी उठा UDID कार्ड में देरी का मुद्दा

UDID कार्ड बनने में लग रहे समय का मामला संसद में भी सामने आया। सरकारी आंकड़ों के जरिए मध्य प्रदेश में लंबित आवेदनों और कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में लगने वाले समय की जानकारी सामने आई है।इन आंकड़ों के बाद अब सवाल यह है कि आखिर प्रदेश में UDID कार्ड की प्रक्रिया इतनी धीमी क्यों है और महीनों से लंबित आवेदनों को निपटाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

लंबित आवेदनों के बीच व्यवस्था को तेज करने की जरूरत

UDID कार्ड की प्रक्रिया को ऑनलाइन और व्यवस्थित बनाने का उद्देश्य दिव्यांगजनों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत देना है। लेकिन अगर आवेदन के बाद कार्ड मिलने में कई महीने लग रहे हैं तो व्यवस्था की रफ्तार पर सवाल उठना स्वाभाविक है।अब जरूरत इस बात की है कि लंबे समय से लंबित आवेदनों की समीक्षा कर उन्हें जल्द निपटाया जाए और मेडिकल जांच से लेकर कार्ड जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया को ज्यादा तेज और आसान बनाया जाए।सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब UDID कार्ड दिव्यांगजनों के लिए जरूरी पहचान दस्तावेज है, तो उन्हें इसे हासिल करने के लिए महीनों तक इंतजार क्यों करना पड़ रहा है?