गधे के नाम रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के बाद बंद हुआ नर्सिंग पोर्टल: हजारों अभ्यर्थी परेशान; NSUI ने दी घेराव की चेतावनी

गधे की फोटो और कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी होने का मामला सामने आने के बाद अब काउंसिल का ऑनलाइन पोर्टल करीब एक महीने से बंद है। रजिस्ट्रेशन कराने वाले अभ्यर्थी भी परेशान हो रहे हैं।

गधे के नाम रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के बाद बंद हुआ नर्सिंग पोर्टल: हजारों अभ्यर्थी परेशान; NSUI ने दी घेराव की चेतावनी

भोपाल। मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालो के घेरे में है. इसी बीच अब मध्यप्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल करीब एक महीने से बंद होने का मामला सामने आया है। पोर्टल बंद होने से प्रदेश के हजारों नर्सिंग अभ्यर्थियों, नर्सिंग विद्यार्थियों को पंजीयन के लिए आवेदन करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नए रजिस्ट्रेशन, पंजीयन संबंधी प्रक्रियाओं और आवश्यक दस्तावेजों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के काम अटक गए हैं।

गधे का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट बनने के बाद से पोर्टल बंद

मध्यप्रदेश NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि नर्सिंग काउंसिल के ऑनलाइन पोर्टल पर एक गधे के नाम से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी होने के बाद काउंसिल ने पोर्टल बंद कर दिया था। एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी पोर्टल को दोबारा सुचारु रूप से शुरू नहीं कर पाए हैं। यह स्थिति ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था की निगरानी, सत्यापन और तकनीकी प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

पोर्टल बंद होने से बढ़ी परेशानी 

रवि परमार ने कहा कि मध्यप्रदेश में हजारों ऐसे नर्सिंग अभ्यर्थी हैं, जिन्हें नौकरी, उच्च शिक्षा, अस्पतालों में नियुक्ति और अन्य व्यावसायिक आवश्यकताओं के लिए नर्सिंग काउंसिल के पंजीयन की जरूरत होती है। पोर्टल बंद होने से इनकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। कई अभ्यर्थियों को नौकरी के अवसर गंवाने का डर है, वहीं कई अभ्यर्थियों के दस्तावेज और आवेदन लंबित पड़े हैं। इसके बावजूद न तो काउंसिल की ओर से कोई स्पष्ट समयसीमा बताई जा रही है और न ही आवेदकों को कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।

पोर्टल बंद करना समस्या का हल नहीं

जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि जब पोर्टल के माध्यम से फर्जी अथवा संदिग्ध रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र जारी होने का मामला सामने आया, तब इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और पोर्टल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता थी। लेकिन पोर्टल बंद कर देना और उसके बाद लंबे समय तक उसे शुरू नहीं कर पाना समस्या का समाधान नहीं है। इससे वास्तविक और योग्य नर्सिंग अभ्यर्थियों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है।

अक्षय तोमर ने सवाल उठाया कि एमपी ऑनलाइन और नर्सिंग काउंसिल के बीच आखिर किस स्तर पर समन्वय की कमी है? पोर्टल की तकनीकी जिम्मेदारी किसकी है? यदि पोर्टल में सुरक्षा संबंधी खामियां थीं तो उन्हें दूर करने में एक महीने से अधिक समय क्यों लग रहा है? क्या पोर्टल बंद होने से प्रभावित आवेदकों की समस्याओं का आकलन किया गया है?

डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन सेवा फेल 

रवि परमार ने कहा कि प्रदेश सरकार एक ओर डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन सेवाओं की बात करती है, वहीं दूसरी ओर एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक नियामक संस्था का रजिस्ट्रेशन पोर्टल इतने लंबे समय तक बंद रहना हजारों युवाओं के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।

NSUI की प्रमुख मांगें

1. मध्यप्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल का पोर्टल तत्काल शुरू किया जाए।
2. पोर्टल बंद रहने की अवधि में प्रभावित हुए सभी आवेदकों को पंजीयन शुल्क में विशेष छूट प्रदान की जाएं ।
3. गधे के नाम से रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र जारी होने के पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
4. पोर्टल की तकनीकी खामियों, सुरक्षा व्यवस्था और सत्यापन प्रक्रिया की स्वतंत्र ऑडिट कराई जाए।
5. एमपी ऑनलाइन और नर्सिंग काउंसिल के बीच हुए अनुबंध तथा पोर्टल संचालन की जिम्मेदारियों की समीक्षा की जाए।
6. पोर्टल बंद रहने से प्रभावित आवेदकों के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की जाए।
7. पोर्टल दोबारा शुरू करने की निश्चित तारीख सार्वजनिक की जाए तथा आवेदकों की शिकायतों के निराकरण के लिए हेल्पलाइन जारी की जाए।

रवि परमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही पोर्टल शुरू नहीं किया गया और हजारों नर्सिंग अभ्यर्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो NSUI इस मामले को लेकर नर्सिंग काउंसिल का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेगी ।