नाबालिग का अपहरण कर 40 हजार में बेचने वाले 5 आरोपियों को 20-20 साल की सजा, भोपाल में कराई थी शादी

सतना के रामनगर में नाबालिग के अपहरण और मानव तस्करी के मामले में अमरपाटन पॉक्सो कोर्ट ने पांच आरोपियों को 20-20 साल की सजा सुनाई।

नाबालिग का अपहरण कर 40 हजार में बेचने वाले 5 आरोपियों को 20-20 साल की सजा, भोपाल में कराई थी शादी

सतना/मैहर। नाबालिग के अपहरण, मानव तस्करी और पॉक्सो एक्ट के मामले में अमरपाटन की विशेष पॉक्सो अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश मानवेन्द्र पवार की अदालत ने दोष सिद्ध होने पर पांच आरोपियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।

मामला जून 2023 का है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने नाबालिग को नशीला पदार्थ सुंघाकर अगवा किया था। इसके बाद उसे अलग-अलग जगहों पर ले जाकर आखिरकार भोपाल में 40 हजार रुपये में बेच दिया गया, जहां उसकी जबरन शादी कराई गई। करीब तीन महीने बाद पुलिस ने नाबालिग को भोपाल से बरामद किया था।

पानी भरने घर से निकली थी नाबालिग

घटना 15 जून 2023 की सुबह करीब 5 बजे की है। रामनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग घर से पानी भरने के लिए बाहर निकली थी। इसी दौरान उसका अपहरण कर लिया गया।

परिजनों ने 17 जून को रामनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस बीच नाबालिग ने फोन कर परिजनों को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस की एक टीम भोपाल रवाना हुई और वहां से नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया।

नशीला पदार्थ सुंघाकर किया था अपहरण

अभियोजन के मुताबिक मुख्य आरोपी राजू मेवाड़ा ने अपनी पत्नी नीता रावत के साथ मिलकर नाबालिग को नशीला पदार्थ सुंघाकर अगवा किया था। इसके बाद उसे राजू अपनी साली भूरीबाई के घर ले गया।

आरोप है कि यहां सुनील गौर ने नाबालिग का सौदा तय किया। करीब दो दिन तक उसे भूरीबाई के घर रखने के बाद मैहर ले जाया गया। पुलिस के डर से मैहर में शादी की योजना आगे नहीं बढ़ सकी, जिसके बाद नाबालिग को भोपाल ले जाया गया।

40 हजार रुपये में किया सौदा, भोपाल में कराई शादी

अभियोजन के अनुसार नाबालिग को भोपाल ले जाकर 40 हजार रुपये में सुनील गौर को सौंपा गया। इसके बाद नशीला पदार्थ सुंघाकर उसकी जबरन शादी कराई गई। पुलिस ने करीब तीन महीने बाद नाबालिग को भोपाल से बरामद किया।

नाबालिग के बयान के आधार पर मामले में संबंधित धाराएं बढ़ाई गईं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक की ओर से इनाम भी घोषित किया गया था।

इन पांच आरोपियों को मिली सजा

अदालत में पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय परीक्षण, दस्तावेजी और वैज्ञानिक साक्ष्य सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश किए गए। विशेष लोक अभियोजक पंकज कुमार पटेल ने अभियोजन की ओर से पैरवी की।

अदालत ने दोष सिद्ध होने पर:

  1. राजू मेवाड़ा
  2. नीता रावत
  3. सुनील गौर
  4. दिनेश उर्फ देवनारायण गौर
  5. भूरीबाई कोल

को भारतीय दंड संहिता की धारा 366, 370(4), 120बी और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया।

पुलिस और अभियोजन के समन्वय से मिली सजा

पुलिस अधीक्षक मैहर अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि जघन्य अपराधों में आरोपियों को कठोर सजा दिलाने के लिए पुलिस और अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने थाना प्रभारियों को अभियोजन अधिकारियों के साथ लगातार संवाद रखने, साक्षियों से संपर्क बनाए रखने और न्यायालय में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इस मामले की विवेचना उप निरीक्षक भइयालाल रावत ने की थी। पुलिस का कहना है कि पुलिस और अभियोजन के संयुक्त प्रयासों से मामले में आरोपियों को सजा दिलाने में सफलता मिली है।