GST Council Meeting 2026 : GST काउंसिल के बड़े फैसले, टैक्स अफसरों की गिरफ्तारी पावर खत्म, केस चलाने की सीमा ₹5 करोड़
GST Council Meeting 2026 : काउंसिल ने GST मामलों में अभियोजन की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने की सिफारिश की है। इसके तहत 5 करोड़ रुपये से कम के मामलों में मुकदमा नहीं चलाने का प्रस्ताव है।
GST Council Meeting 2026 : दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित 57वीं GST काउंसिल बैठक में टैक्सपेयर्स और कारोबारियों से जुड़े कई अहम बदलावों की सिफारिश की गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक के बाद फैसलों की जानकारी दी। काउंसिल ने GST अधिकारियों की गिरफ्तारी संबंधी शक्तियां हटाने और अभियोजन की सीमा बढ़ाने की सिफारिश की है। वहीं MDR को लेकर बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। GST दरों में भी इस बैठक में कोई बदलाव नहीं किया गया।
GST Council decides: Arrest, Prosecution, and General penalty - •The power of arrest is being removed from GST. •The threshold for prosecution goes up from Rs 1 crore to Rs 5 crore. The minimum punishment stands removed and the punishment- whether fine or imprisonment or both, is left to judicial discretion in every case. •The general penalty, which applies where no specific penalty is provided, comes down from Rs 25,000 to Rs 10,000. •A taxpayer who files late, makes a mistake or falls behind on payment faces recovery, interest and a proportionate penalty, and nothing beyond that.
— ANI (@ANI) October 8, 2026
5 करोड़ रुपये तक बढ़ी अभियोजन सीमा
काउंसिल ने GST के तहत गिरफ्तारी की शक्तियां हटाने की सिफारिश की है। वहीं अभियोजन शुरू करने की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। इसके साथ न्यूनतम सजा के प्रावधान को हटाने की भी सिफारिश की गई है। अब जुर्माना, जेल या दोनों को लेकर फैसला न्यायिक विवेक के आधार पर होगा।
सामान्य जुर्माना घटकर ₹10 हजार
जहां किसी उल्लंघन के लिए अलग से जुर्माना तय नहीं है, वहां सामान्य जुर्माना ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 करने का प्रस्ताव है। देर से रिटर्न दाखिल करने, भुगतान में देरी या अन्य गलती की स्थिति में बकाया टैक्स, ब्याज और आनुपातिक जुर्माना लगाया जाएगा। ऐसी चूक पर अतिरिक्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने की सिफारिश की गई है।
GST रिफंड की प्रक्रिया होगी तेज
काउंसिल ने रिफंड दावों से जुड़ी प्रक्रिया को आसान बनाने की सिफारिश की है। एकनॉलेजमेंट की अवधि 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने का प्रस्ताव है। इस अवधि में कमी की जानकारी या अन्य कार्रवाई नहीं होने पर दावे को deemed acknowledgment माना जाएगा। जोखिम आकलन के आधार पर रिफंड प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की योजना है।
MDR पर नहीं हुई कोई चर्चा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि 57वीं GST काउंसिल बैठक में MDR को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। इससे पहले UPI से जुड़े MDR को लेकर अलग-अलग चर्चाएं सामने आई थीं। काउंसिल ने इस बैठक में किसी वस्तु या सेवा की GST दर में भी बदलाव नहीं किया। मौजूदा दरें ही लागू रहेंगी।
GST Rates पर साल में एक बार चर्चा
काउंसिल ने GST Rates से जुड़े मामलों पर साल में एक बार चर्चा करने की सिफारिश की है। इसके लिए अलग बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में घोषित प्रोसेस रिफॉर्म को 1 अप्रैल 2027 से लागू करने का प्रस्ताव है। इन बदलावों का उद्देश्य टैक्स अनुपालन को आसान करना और कारोबारियों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।

