झाबुआ में वाटर फिल्टर प्लांट में गैस लीक, 49 बीमार कई लोग ऑक्सीजन सपोर्ट पर

झाबुआ में वाटर फिल्टर प्लांट में गैस लीक, 49 बीमार कई लोग ऑक्सीजन सपोर्ट पर  आंखों में जलन-सांस लेने में दिक्कत, एक किमी तक असर

झाबुआ में वाटर फिल्टर प्लांट में गैस लीक, 49 बीमार कई लोग ऑक्सीजन सपोर्ट पर

MP के झाबुआ में पद्मावती नदी किनारे बने वाटर फिल्टर प्लांट में 4 अप्रैल की शाम क्लोरीन गैस लीक हो गई। 7 कर्मचारियों समेत करीब 49 लोग बीमार हो गए हैं, जिनमें से कई लोगों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। मामला थांदला इलाके की पुरानी मंडी का है। घटना के बाद करीब एक किलोमीटर के इलाके में गैस फैल गई, जिससे लोगों की आंखों में जलन होने लगी और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। जैसे ही गैस लीक होने की खबर फैली, घबराए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

SDM और पुलिस बल मौके पर पहुंचे

स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी। एसडीएम और टीआई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। नगर परिषद की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। हालात पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड और नगर परिषद के कर्मचारी मौके पर डटे रहे।

घटना की सूचना पर मौके पर पुलिस अधिकारी भी पहुंचे।

इंदौर की टीम की मदद से रिसाव रोका गया

घटना के बाद मेघनगर स्थित इंडस्ट्री से तकनीकी सहयोग लिया गया। वहीं, इंदौर से विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर पहुंची, जिसने प्लांट में मौजूद अन्य टैंकों की जांच की। गैस रिसाव को रोक दिया गया है।

हालात पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड बुलाई गई।

घर-घर सर्वे, अन्य लोगों को भी ऑब्जर्वेशन में रखा गया

सुरक्षा के लिहाज से स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे इलाके में घर-घर सर्वे कर रही है, जिन लोगों में हल्के लक्षण भी पाए जा रहे हैं, उन्हें एहतियातन ऑब्जर्वेशन में रखा जा रहा है, ताकि किसी भी तरह का खतरा टाला जा सके। नगर परिषद के इंजीनियर ने बताया कि प्लांट में शाम करीब 5 बजे गैस लीक हो गई। स्थिति को शाम 7 बजे तक काबू में कर लिया गया। लगभग 9 बजे तक हालात पूरी तरह से सामान्य हो गए थे। इस घटना से वहां के रहवासियों के साथ-साथ प्लांट में काम करने वाले 5 से 7 कर्मचारी भी प्रभावित हुए हैं।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर  जाकर किया सर्वे ।

मरीजों की स्थिति सामान्य

बीएमओ के अनुसार 2-3 मरीजों को ज्यादा परेशानी थी, लेकिन इलाज के बाद अब सभी की स्थिति सामान्य है। वर्तमान में सभी मरीजों का इलाज चल रहा है और उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। कुछ मरीजों को एहतियातन ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।

बीमार लोगों को अस्पताल में  कराया गया भर्ती ।

रिसाव पर काबू, स्थिति अब सामान्य

थांदला टीआई ने बताया कि फिलहाल रिसाव पूरी तरह रोक दिया गया है और स्थिति सामान्य है। फायर ब्रिगेड और नगर परिषद के कर्मचारियों ने मौके पर डटे रहकर गैस रिसाव को नियंत्रित किया।

तकनीकी खराबी या लापरवाही, जांच जारी

प्रारंभिक तौर पर गैस रिसाव की वजह तकनीकी खराबी मानी जा रही है, हालांकि लापरवाही की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है। अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। नगर परिषद की टीम फिलहाल कुछ भी कहने से बच रही है।