MP में 1 मई से जनगणना अभियान, 1.70 लाख कर्मचारी तैनात

मध्यप्रदेश में 1 मई से डोर-टू-डोर जनगणना शुरू होगी। यह प्रक्रिया दो चरणों में होगी, जिसमें पहले मकानों और बाद में जनसंख्या व जातिगत जनगणना की जाएगी। प्रदेश में 1.70 लाख अधिकारी-कर्मचारी लगाए गए हैं।

MP में 1 मई से जनगणना अभियान, 1.70 लाख कर्मचारी तैनात

भोपाल:मध्यप्रदेश में 1 मई से डोर-टू-डोर जनगणना कार्य की शुरुआत होने जा रही है। जनगणना निदेशालय के डायरेक्टर कार्तिकेय गोयल ने बताया कि यह कार्य विधिक आधार पर किया जाएगा और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। आजादी के बाद यह आठवीं जनगणना होगी, जो भारत का गृह मंत्रालय के अंतर्गत कराई जाती है।

1.70 लाख कर्मचारी संभालेंगे जिम्मेदारी

प्रदेश के हर जिले और नगर निगम क्षेत्र में जनगणना अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इस कार्य के लिए शिक्षकों सहित कुल 1 लाख 70 हजार अधिकारी-कर्मचारियों को लगाया गया है। सभी कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है।

पहले चरण में मकानों की गणना

जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में 1 मई से 30 मई तक मकानों की गणना की जाएगी। इस दौरान 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें परिवार की सही जानकारी, घर में उपलब्ध सुविधाएं और उपयोग किए जाने वाले अनाज संबंधी जानकारी शामिल रहेगी।

दूसरे चरण में जातिगत जनगणना

दूसरे चरण में 3 फरवरी 2027 से जनसंख्या जनगणना शुरू होगी। इसी चरण में जातिगत जनगणना भी कराई जाएगी, जो इस बार की विशेषता रहेगी। डेटा मोबाइल ऐप के जरिए जुटाया जाएगा, जो 16 भाषाओं में उपलब्ध रहेगा।

5 मार्च 2027 को पूरी होगी प्रक्रिया

कार्तिकेय गोयल ने कहा कि जनगणना से जुड़ी सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। इन आंकड़ों का उपयोग केवल देश और प्रदेश के विकास की योजनाओं के लिए किया जाएगा। पूरी जनगणना प्रक्रिया 5 मार्च 2027 को समाप्त होगी।