मऊगंज: नईगढ़ी में प्रस्फुटन समितियों का शक्ति संचय प्रशिक्षण संपन्न, दस्तावेजीकरण पर जोर
मऊगंज के नईगढ़ी में जन अभियान परिषद के शक्ति संचय अभियान 2026-27 के तहत प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित हुई. छह प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों को संवाद कौशल और छह जरूरी रजिस्टरों की जानकारी दी गई.
लोकेशन: मऊगंज | रिपोर्ट: राजेंद्र पयासी
मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले के नईगढ़ी में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के निर्देशानुसार प्रस्फुटन समितियों के शक्ति संचय अभियान 2026-27 के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई. 29 अक्टूबर को नवांकुर संस्था त्रिवेणी बहुद्देशीय जन कल्याण संस्था, सेक्टर नईगढ़ी के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में सेक्टर की 6 प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान संवाद कौशल, सामुदायिक सहभागिता और समितियों के दस्तावेजीकरण पर विशेष जोर दिया गया.
समाज के विकास में जनभागीदारी जरूरी
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना और प्रतिभागियों के पंजीयन के साथ हुई. नवांकुर संस्था के अध्यक्ष सुरेन्द्र प्रसाद चतुर्वेदी ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखते हुए मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की कार्यप्रणाली, दिशा-निर्देशों, उद्देश्यों और लक्ष्यों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि परिषद का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना, जनभागीदारी बढ़ाना और ग्राम विकास में नागरिकों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना है.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत पथरौडा कला के सरपंच राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए शासन, समाज और स्वयंसेवी संगठनों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने में प्रस्फुटन समितियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया.
संवाद कौशल का दिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षक राजरमन पटेल ने संवाद कौशल विषय पर प्रशिक्षण दिया. उन्होंने प्रभावी संवाद की तकनीकों, दूसरों की बात ध्यानपूर्वक सुनने और सामूहिक चर्चा के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालने के तरीकों को समझाया. प्रशिक्षण में बताया गया कि बेहतर संवाद से समितियों के कामकाज में समन्वय बढ़ता है और सामुदायिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है.
छह रजिस्टर रखना अनिवार्य
कार्यशाला के एक महत्वपूर्ण सत्र में प्रस्फुटन समितियों के दस्तावेजीकरण और अभिलेख संधारण पर विशेष जोर दिया गया. संस्था अध्यक्ष सुरेन्द्र प्रसाद चतुर्वेदी ने बताया कि समितियों के कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और निरंतरता बनाए रखने के लिए रिकॉर्ड का व्यवस्थित रखरखाव जरूरी है.
उन्होंने प्रत्येक समिति में छह प्रकार के रजिस्टर अनिवार्य रूप से रखने की जानकारी दी. इनमें सूचना एवं एजेंडा रजिस्टर, कार्यवाही रजिस्टर, गतिविधि रजिस्टर, स्टॉक पंजी, निरीक्षण पंजी और कैश बुक शामिल हैं.
प्रमाणपत्र वितरित कर हुआ समापन
प्रशिक्षण कार्यशाला में संस्था सचिव रामसागर चतुर्वेदी, आशीष कुमार शुक्ला, शिवम पटेल, शिव प्रसाद साहू, अनिल सिंह, राजबहोर कुशवाहा और पवन कुमार पुरी सहित वंदना साकेत, भावना सोंधिया, संगीता सोंधिया और प्रमिला साहू समेत कई सदस्य उपस्थित रहे.
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया और उन्हें प्रमाणपत्र वितरित किए गए. इसके साथ ही एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन हुआ.

