मऊगंज में बनेगा नया जिला न्यायालय परिसर: प्रस्तावित भूमि का अधिकारियों ने किया निरीक्षण

मऊगंज में न्यायिक अधोसंरचना को मिलेगी मजबूती, न्यायालय और आवासीय परिसर के लिए भूमि का कलेक्टर और जिला न्यायाधीश ने किया स्थल परीक्षण

मऊगंज में बनेगा नया जिला न्यायालय परिसर: प्रस्तावित भूमि का अधिकारियों ने किया निरीक्षण

मऊगंज से रिपोर्टर राजेंद्र पयासी।  

जिले में जिला न्यायालय भवन एवं न्यायिक अधिकारियों के आवासीय परिसर के निर्माण हेतु प्रस्तावित भूमि का उच्च स्तरीय संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल में न्यायपालिका एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। निरीक्षण में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीवा राकेश मोहन प्रधान, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय सिंह सरुते, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक बुखारिया, कलेक्टर संजय कुमार जैन, न्यायिक मजिस्ट्रेट महादेव पटेल, ओ.सी. जैन, आकांक्षा टेकाम, निसिता श्रीवास्तव तथा एसडीएम मऊगंज ए.पी. द्विवेदी उपस्थित थे।

अधिकारियों ने कब्जे की स्थिति का परीक्षण किया

अधिकारियों ने सबसे पहले स्तावित भूमि के क्षेत्रफल, सीमांकन, राजस्व अभिलेख और भौतिक कब्जे की स्थिति का परीक्षण किया। इसके साथ ही स्थल तक पहुंच मार्ग, विद्युत आपूर्ति, जल निकासी, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता का भी मूल्यांकन किया गया। निर्माण की भावी आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए भूमि की उपयुक्तता, विस्तार की संभावनाओं और पर्यावरणीय पहलुओं पर भी चर्चा हुई।

कलेक्टर के निर्देश, समय-सीमा में पूरे करें सभी कार्य

इस अवसर पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि के संबंध में आवश्यक विधिक प्रक्रियाएं, नामांतरण, सीमांकन और अनापत्ति प्रमाण पत्र आदि कार्य प्राथमिकता और समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। साथ ही परिसर के लिए मास्टर प्लान और अधोसंरचना विकास की कार्ययोजना शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि जिला न्यायालय एवं न्यायिक अधिकारियों के आवासीय परिसर के निर्माण से जिले में न्यायिक अधोसंरचना सुदृढ़ होगी। इससे वादकारियों को त्वरित न्याय, अधिवक्ताओं को बेहतर सुविधाएं तथा न्यायिक अधिकारियों को आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे न्यायालयीन कार्यों के संचालन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। प्रशासन ने कहा कि भूमि संबंधी सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।