15 साल पुराने भुगतान विवाद में स्वास्थ्य विभाग पर कुर्की की कार्रवाई, कोलकाता टीम पहुंची भोपाल

मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में 2011 के कीटनाशक सप्लाई भुगतान मामले को लेकर उस समय हड़कंप मच गया, जब कोलकाता से आई टीम कुर्की की कार्रवाई के लिए पहुंची। कंपनी का आरोप है कि 50 लाख रुपए से अधिक के बकाया भुगतान पर ब्याज जुड़ने के बाद अब राशि करीब 5 करोड़ रुपए हो गई है।

15 साल पुराने भुगतान विवाद में स्वास्थ्य विभाग पर कुर्की की कार्रवाई, कोलकाता टीम पहुंची भोपाल

मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में गुरुवार को उस समय हलचल मच गई, जब कोलकाता से आई टीम विभाग में कुर्की की कार्रवाई के लिए पहुंची। मामला वर्ष 2011 में स्वास्थ्य विभाग को सप्लाई किए गए इंसेंटिसाइड (कीटनाशक) के भुगतान से जुड़ा है। कंपनी का आरोप है कि करीब 15 वर्षों बाद भी सरकार ने भुगतान नहीं किया, जिसके चलते अब कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की जा रही है।

कोलकाता से पहुंचे कंपनी प्रतिनिधि ने बताया कि उनकी कंपनी “नीतापुर इंडस्ट्रीज” ने वर्ष 2011 में डायरेक्टर ऑफ हेल्थ सर्विसेज को लगभग 50 लाख 70 हजार रुपए का इंसेंटिसाइड सप्लाई किया था, लेकिन विभाग द्वारा अब तक भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मामला पहले आर्बिट्रेशन में गया, इसके बाद सुप्रीम कोर्ट तक सुनवाई हुई। करीब एक वर्ष पहले शासन ने कोर्ट से समय लेते हुए भुगतान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद राशि जारी नहीं की गई।

कंपनी प्रतिनिधि के अनुसार, बाद में जबलपुर हाईकोर्ट में भी मामला दायर किया गया। कोर्ट प्रक्रिया के दौरान स्टांप ड्यूटी सहित अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि ब्याज और कंपाउंडिंग इंटरेस्ट जोड़ने के बाद अब बकाया राशि लगभग 5 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है।

प्रतिनिधि ने कहा कि यह एक छोटी प्रोपराइटरशिप कंपनी है और कंपनी के मालिक की उम्र करीब 80 वर्ष हो चुकी है। लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण कंपनी आर्थिक संकट से जूझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट के आदेशों के बावजूद विभाग भुगतान में लगातार देरी कर रहा है।

फिलहाल कुर्की की कार्रवाई को लेकर विभागीय अधिकारियों में हलचल बनी हुई है। मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।