महिला भागीदारी पर CM डॉ. मोहन यादव का जोर, बोले- मातृशक्ति से देश नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की मौजूदगी में मध्य प्रदेश विधानसभा स्थित विधान परिषद में संसद यूथ पार्लियामेंट 2026 का शुभारंभ हुआ। युवाओं ने संसदीय कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझा।

महिला भागीदारी पर CM डॉ. मोहन यादव का जोर, बोले- मातृशक्ति से देश नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा

भोपाल। राजधानी में गुरुवार को आयोजित ‘संसद यूथ पार्लियामेंट 2.0’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं से लोकतंत्र, संसदीय परंपराओं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। विधानसभा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के साथ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के 58 से अधिक शहरों और कस्बों से युवा प्रतिनिधि शामिल हुए। विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के अलावा एनएसएस, एनसीसी, युवा संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने संसदीय प्रक्रिया और नीति-निर्माण पर चर्चा की।

युवा सिर्फ नौकरी तक सीमित न रहें

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को केवल डॉक्टर, इंजीनियर या वकील बनने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि राजनीति, नीति-निर्माण और कृषि जैसे क्षेत्रों में भी आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए नई पीढ़ी का लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़ना बेहद जरूरी है।

महिला भागीदारी और आरक्षण पर जोर

महिला सशक्तिकरण और आरक्षण का उल्लेख करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि देश की आधी आबादी को आगे बढ़ने से रोकना संभव नहीं है। भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को विशेष सम्मान प्राप्त है और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से देश नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

राम मंदिर फैसले का भी किया जिक्र

डॉ. यादव ने अयोध्या मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करना और उसे स्वीकार करना जरूरी है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा का जिक्र करते हुए इसे राजनीतिक इच्छाशक्ति का उदाहरण बताया।

स्वतंत्रता सेनानियों को किया याद

मुख्यमंत्री ने भगत सिंह, वीर सावरकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी समेत स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को याद किया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित आईसीएस परीक्षा पास करने के बावजूद उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

मुख्यमंत्री ने देशभर से आए युवा प्रतिनिधियों का मध्य प्रदेश में स्वागत करते हुए कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं को और मजबूत करेगी। उन्होंने युवाओं से स्वतंत्र भारत की प्रतिष्ठा और सम्मान को दुनिया में और मजबूत करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।