सतना: थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के HIV पॉजिटिव होने का मामला, NHRC की टीम ने शुरू की गोपनीय जांच
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का दो सदस्यीय दल सोमवार की शाम सतना पहुंचा। दोनों अधिकारी आयोग के इन्वेस्टिगेशन डिवीजन का हिस्सा हैं। ये क्राइम इन्वेस्टिगेशन करने में माहिर होते हैं।
सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिले में थैलेसीमिया से पीड़ित चार बच्चों के HIV पॉजिटिव पाए जाने के मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस संवेदनशील प्रकरण की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की दो सदस्यीय टीम सोमवार शाम सतना पहुंची और पूरी गोपनीयता के साथ जांच शुरू कर दी है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच टीम में रोहित सिंह और संजय कुमार शामिल हैं, जो आयोग के इन्वेस्टिगेशन डिवीजन से जुड़े अनुभवी अधिकारी हैं। टीम सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे सर्किट हाउस पहुंची, जहां कुछ समय विश्राम के बाद एक अज्ञात स्थान के लिए रवाना हो गई। करीब डेढ़ घंटे बाद टीम दोबारा सर्किट हाउस लौटी। इस दौरान टीम ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जांच प्रक्रिया से अलग रखा।
जांच के समय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज शुक्ला, एसडीएम राहुल सिलडिया और सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह सर्किट हाउस में मौजूद रहे। सीएमएचओ ने जांच दल को पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों की सूची सौंपी। हालांकि, पहले दिन जांच टीम न तो जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंची और न ही पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। टीम के अचानक और गोपनीय दौरे को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
गौरतलब है कि थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को नियमित रूप से रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है। ऐसे में HIV संक्रमण का सामने आना ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली और रक्त जांच व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। मामला सामने आने के बाद हेल्थ कमिश्नर तरुण राठी और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के औषधि नियंत्रक दिनेश श्रीवास्तव ने भी जानकारी तलब की थी। इसके अलावा राज्य एड्स नियंत्रण समिति और नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (NACO) ने भी मामले को संज्ञान में लिया है।
लगभग दस दिनों से जांच का सिलसिला जारी है। आयुष्मान भारत योजना के सीईओ डॉ. योगेश भरसट की प्राथमिक जांच के आधार पर ब्लड बैंक के प्रभारी और दो लैब टेक्नीशियन को निलंबित किया जा चुका है। अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच से उम्मीद की जा रही है कि इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
Varsha Shrivastava 
