अर्जुन सिंह की जयंती पर भोपाल में होंगे कई कार्यक्रम: सुबह पुष्पांजलि तो रात में सजेगी मुशायरे और कवि सम्मेलन की महफिल
पूर्व CM अर्जुन सिंह की जयंती, विधानसभा में सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा; रात में इमरान प्रतापगढ़ी समेत दिग्गज शायरों का जमावड़ा
विधानसभा परिसर में श्रद्धांजलि सभा
सुबह 10 बजे राजधानी के व्यापम चौराहे पर स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि कार्यक्रम होगा। अर्जुन सिंह सद्भावना मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के तहत सुबह 10.30 बजे मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर के सेंट्रल हॉल में सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है।
इस कार्यक्रम में सत्तापक्ष और प्रतिपक्ष के नेताओं सहित विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधि शिरकत करेंगे। सभी नेता स्वर्गीय अर्जुन सिंह के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश और प्रदेश के विकास में उनके द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों को याद करेंगे।
कांग्रेस मुख्यालय में विशेष कार्यक्रम
इसके बाद सुबह 11 बजे शिवाजी नगर स्थित मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय 'इंदिरा भवन' में विशेष कार्यक्रम रखा गया है| यहां कांग्रेस पदाधिकारी गण, कांग्रेसजन और आम जन उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद करेंगे।
सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में मुशायरा और कवि सम्मेलन
इसी कड़ी में भोपाल के सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में रात 8 बजे अर्जुन सिंह अलंकरण और अंतरराष्ट्रीय मुशायरा होगा। भव्य मुशायरा और कवि सम्मेलन का यह आयोजन इस साल बेहद खास है, क्योंकि इस वर्ष का मुशायरा मशहूर शायर पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र को समर्पित रहेगा। कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित हस्तियों को अर्जुन सिंह अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा।
इस ऐतिहासिक अदबी महफ़िल में देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित हस्ताक्षर अपनी रचनाओं से भोपाल की शाम को यादगार बनाएंगे। आमंत्रित शायरों और कवियों में प्रमुख रूप से इमरान प्रतापगढ़ी, नदीम फ़र्रुख़ एटा, अंजुम बाराबंकी, डॉ. आदित्य जैन कोटा हास्य कवि, सुश्री अंजुम रहबर मुंबई, सुश्री खुशबू शर्मा दिल्ली, शाहिद अंजुम हिमाचल प्रदेश और आरिफ़ शेख़ हैदराबाद शामिल हैं।
इस सांस्कृतिक आयोजन के मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह होंगे और इसकी अध्यक्षता जम्मू-कश्मीर के पूर्व सांसद लाल सिंह करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह, राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह, स्थानीय विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील उपस्थित रहेंगे।
मध्य प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे
अर्जुन सिंह न केवल मध्य प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे, बल्कि देश की केंद्रीय राजनीति में भी उन्हें 'चाणक्य' के रूप में जाना जाता था। उन्होंने गरीबों, शोषितों और वंचित वर्गों के हित में अनेक उल्लेखनीय कार्य किए।
प्रदेश में दस्यु समस्या का ऐतिहासिक उन्मूलन, झुग्गीवासियों को मालिकाना हक, तेंदूपत्ता मजदूरों को लाभांश और पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए महाजन आयोग का गठन करने जैसे निर्णयों के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाता है।
इसके साथ ही पंजाब के राजीव लोंगोवाल समझौते से लेकर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के तौर पर उच्च शिक्षा में ओबीसी आरक्षण लागू करने में निभाई गई उनकी ऐतिहासिक भूमिका को आज भी अत्यंत सम्मान के साथ याद किया जाता है।

