उमरिया में बाघ के हमले में महिला की मौत, CM ने किया 25 लाख रुपये मुआवजा का ऐलान

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा में बाघ के हमले से एक महिला की मौत, दो ग्रामीण घायल, गुस्साए लोगों ने वन विभाग टीम पर किया हमला

उमरिया में बाघ के हमले में महिला की मौत, CM ने किया 25 लाख रुपये मुआवजा का ऐलान

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले स्थित Bandhavgarh Tiger Reserve के पनपथा बफर क्षेत्र में शनिवार देर रात एक दर्दनाक घटना हुई। खेरबा टोला गांव में आंगन में सो रही एक महिला पर बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले के बाद इलाके में दहशत फैल गई और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।

एक महिला की मौत, दो ग्रामीण बाघ के हमले में घायल

मृतका की पहचान 48 वर्षीय फूलबाई के रूप में हुई है। घटना के समय वह अपने घर के आंगन में सो रही थी। अचानक बाघ वहां पहुंचा और उस पर हमला कर दिया। शोर सुनकर गांव के अन्य लोग बाहर आए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

महिला पर हमला करने के बाद बाघ ने दो अन्य ग्रामीणों को भी निशाना बनाया। घायलों की पहचान दसैय्या और फुल्ला के रूप में हुई है। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। ग्रामीणों के अनुसार, बाघ कुछ समय तक गांव के पास ही मौजूद रहा और जोर-जोर से दहाड़ता रहा, जिससे लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर सके। इस घटना ने पूरे गांव में भय का माहौल पैदा कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मुआवजा का ऐलान

इस घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक तरफ मृतका के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी, तो वहीं दूसरी ओर घायलों को भी मुआवजा देने और उनका फ्री इलाज करने की घोषणा की।

घर के अंदर घुसा बाघ, रेस्क्यू में जुटी टीम

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हमले के बाद बाघ घर के पास ही बैठा रहा और बाद में घर के अंदर भी घुस गया। स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है। बाघ को सुरक्षित तरीके से गांव से बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि ग्रामीणों की भीड़ और शोर के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और लोगों से शांत रहने की अपील की है।

ग्रामीणों का गुस्सा, वन विभाग टीम पर हमला

घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। गुस्साए ग्रामीणों ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम पर हमला कर दिया। इस दौरान परिक्षेत्र अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि रेंजर अंजू वर्मा समेत अन्य कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की गई। घायलों को मानपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले के बाद वन विभाग की टीम को गांव से हटना पड़ा और अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।

मई महीने में बढ़ते बाघ हमले, लगातार तीसरी मौत

इस क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मई महीने में यह तीसरी बड़ी घटना है जिसमें बाघ के हमले से मौत हुई है। 3 मई को पनपथा कोर क्षेत्र में कुदरी गांव के रज्जू कोल की बाघ हमले में मौत हो गई थी। 16 मई को भी इसी क्षेत्र में एक महिला की जान गई थी।

इसके अलावा 10 मई और 12 मई को तेंदूपत्ता तोड़ने और जंगल से जुड़े कामों के दौरान भालू और बाघ के हमले में लोग घायल हुए थे। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में डर बढ़ गया है। लोग अब जंगल के करीब रहने को लेकर चिंतित हैं।

प्रशासन और वन विभाग अलर्ट पर

घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। वन विभाग लगातार बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रहा है और उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह इलाका जंगल से सटा हुआ है, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे रात के समय बाहर न सोएं और जंगल के नजदीक जाने से बचें। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।