Bhojshala Dispute Hearing : SC में आज मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई, भोजशाला विवाद में HC के फैसले को चुनौती
Bhojshala Dispute Hearing : भोजशाला विवाद में मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर पांच याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई प्रस्तावित है। याचिकाएं हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई हैं।
Bhojshala Dispute Hearing : मध्य प्रदेश। धार स्थित भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट में आज, 29 अक्टूबर को सुनवाई प्रस्तावित है। मुस्लिम पक्ष ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ के 15 मई 2026 के फैसले को चुनौती देते हुए पांच याचिकाएं दायर की हैं। हाईकोर्ट ने हिंदू पक्ष को भोजशाला में नियमित पूजा-अर्चना का अधिकार दिया था। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई कई बार टल चुकी है। ऐसे में अब अदालत के अगले निर्देशों पर सबकी नजर है।
जुमे की नमाज के लिए वैकल्पिक जगह तय
सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई 2026 को अंतरिम निर्देश देते हुए राज्य सरकार को मुस्लिम समाज के लिए शुक्रवार की नमाज की व्यवस्था करने को कहा था। शुरुआत में प्रशासन ने चालीस पीर दरगाह के पास खाली जमीन तय की। मुस्लिम पक्ष ने भोजशाला से दूरी का हवाला देकर इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई। इसके बाद भोजशाला परिसर के पीछे दाईं ओर स्थित खसरा नंबर 612 की जमीन पर नमाज की व्यवस्था की गई। तब से मुस्लिम समाज के लोग इसी जगह जुमे की नमाज अदा कर रहे हैं। नमाज के दौरान प्रशासन सुरक्षा के इंतजाम करता है।
मुस्लिम पक्ष ने क्या मांग की?
मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने और वर्ष 2003 में लागू पूजा-पाठ तथा नमाज की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। उसका कहना है कि धार्मिक स्थल की पहचान और उसके इस्तेमाल से जुड़े विवाद का फैसला ऐतिहासिक तथ्यों, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट और कानूनी पहलुओं की पूरी जांच के बाद होना चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था। साथ ही, शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज के लिए अलग खुली जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।
भोजशाला की पहचान को लेकर विवाद
भोजशाला को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्ष के अलग-अलग दावे हैं। हिंदू पक्ष इसे मां सरस्वती का मंदिर और प्राचीन शिक्षा केंद्र मानता है। वहीं, मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है। यह ऐतिहासिक परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण में है। स्थल की धार्मिक पहचान और यहां पूजा तथा नमाज के अधिकार को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
जुलाई में भी हुई थी सुनवाई
मुस्लिम पक्ष ने 24 जुलाई को नमाज के लिए तय जगह की दूरी का मुद्दा उठाते हुए फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। 29 जुलाई को सुनवाई नहीं हो सकी, इसलिए मामला अगले दिन के लिए तय किया गया। 30 जुलाई को अदालत ने भोजशाला के पास खसरा नंबर 596 और 612 पर वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया। इसके बाद प्रशासन और मुस्लिम पक्ष के बीच बैठक हुई। बैठक में खसरा नंबर 612 की जमीन पर नमाज की व्यवस्था तय हुई। अब 29 अक्टूबर की प्रस्तावित सुनवाई में अदालत के अगले कदम पर नजर रहेगी।

