Indore Lokayukta Action : नगर निगम उपयंत्री रिश्वत लेते ट्रैप, 1.12 लाख का बिल पास कराने मांगे 5 हजार
Indore Lokayukta Action : इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने नगर निगम के उपयंत्री हर्ष गहलोत को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया। पानी के टैंकर का 1.12 लाख रुपये का बिल पास कराने के बदले रकम मांगने का आरोप है।
Indore Lokayukta Action : इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत मांगने की शिकायत पर नगर निगम के एक उपयंत्री के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की है। लोकायुक्त के अनुसार, आरोपी हर्ष गहलोत नगर निगम के जोन क्रमांक 13 में उपयंत्री के पद पर पदस्थ हैं। कार्रवाई के दौरान शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए उन्हें पकड़ा गया। यह कार्रवाई 28 अक्टूबर 2026 को की गई। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
पानी के टैंकर का बिल पास कराने मांगी थी रिश्वत
लोकायुक्त कार्यालय में शिकायतकर्ता सोहेल पटेल निवासी नायता मुंडला, इंदौर ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, उन्होंने अपना पानी का टैंकर नगर निगम में अटैच कराया था। इसके तीन महीने का कुल 1 लाख 12 हजार 500 रुपये का भुगतान लंबित था। बिल पास कराने के लिए लॉगबुक का सत्यापन होना था। आरोप है कि इस प्रक्रिया को पूरा करने के बदले उपयंत्री ने 6 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया जाल
शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को दी। अधिकारियों के अनुसार, शिकायत का सत्यापन करने पर रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। इसके बाद लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। 28 अक्टूबर को हनुमान मंदिर के सामने, चाणक्यपुरी चौराहे पर शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये लेते समय आरोपी को ट्रैप किया गया।
लोकायुक्त की टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई में निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रधान आरक्षक रणजीत द्विवेदी, विजय सैलार, विवेक मिश्रा, आरक्षक मनीष माथुर और पवन पटोरिया शामिल रहे। लोकायुक्त के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कार्रवाई के समय आगे की वैधानिक प्रक्रिया जारी थी।

