रीवा में देशराज मिश्रा का आमरण अनशन जारी, अस्पताल में भर्ती; प्रशासन बोला- मांगें पूरी करना संभव नहीं
रीवा के गुढ़ बेला गांव में हाईटेंशन लाइन के पिलर को लेकर देशराज मिश्रा का आमरण अनशन जारी है. तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया. प्रशासन ने रूट डायवर्ट करने की मांग को संभव नहीं बताया.
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गुढ़ क्षेत्र के बेला गांव निवासी देशराज मिश्रा का आमरण अनशन लगातार जारी है। हाईटेंशन बिजली लाइन के पिलर के लिए उनकी जमीन के इस्तेमाल को लेकर वे कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी देशराज मिश्रा ने अन्न ग्रहण करने से इनकार कर दिया है।
दरअसल, देशराज मिश्रा की जमीन से हाईटेंशन बिजली लाइन निकाली जा रही है। लाइन के पिलर उनकी जमीन पर लगाए जाने हैं। देशराज मिश्रा की मांग है कि हाईटेंशन लाइन का रूट डायवर्ट किया जाए और यदि ऐसा संभव नहीं है तो जमीन का उचित मुआवजा दिया जाए।
पानी में बैठकर किया था आमरण अनशन
अपनी मांगों को लेकर देशराज मिश्रा ने बेला गांव में पानी के बीच बैठकर करीब तीन दिनों तक आमरण अनशन किया था। देर रात रीवा कलेक्टर मौके पर पहुंचे और समझाइश के बाद उन्हें अनशन से उठाकर अस्पताल पहुंचाया गया।
देशराज मिश्रा का आरोप है कि उन्हें आश्वासन दिया गया था कि 24 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर वह दोबारा उसी स्थान पर आमरण अनशन के लिए पहुंच गए।
तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल में कराया भर्ती
दोबारा अनशन शुरू करने के बाद लगातार अन्न त्यागने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक देशराज मिश्रा को देर रात भर्ती कराया गया था। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टर लगातार कोशिश कर रहे हैं कि वे कुछ भोजन ग्रहण करें, क्योंकि लंबे समय तक खाना नहीं खाने से उनकी तबीयत बिगड़ सकती है। फिलहाल वह केवल लिक्विड ले रहे हैं।
देशराज मिश्रा का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वह अन्न का एक दाना भी ग्रहण नहीं करेंगे।
प्रशासन ने कहा- रूट डायवर्ट करना संभव नहीं
मामले में रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि देशराज मिश्रा की मांगों पर प्रशासन ने उन्हें समझाने का प्रयास किया है, लेकिन उनकी मुख्य मांग को पूरा करना संभव नहीं है।
कलेक्टर के मुताबिक जिस जमीन पर हाईटेंशन लाइन का पिलर लगाया जाना है, वह करीब 16 बाई 16 फीट का हिस्सा है। देशराज मिश्रा इस जमीन के लिए करीब 40 लाख रुपये के मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि शासन की निर्धारित दरों के अनुसार जितनी जमीन का वास्तविक उपयोग हो रहा है, उसका मुआवजा दिया जा रहा है।
कलेक्टर ने कहा कि पिलर के अलावा आसपास की जमीन का उपयोग जमीन मालिक कर सकता है। यदि आने-जाने में किसी तरह की परेशानी होती है तो नियमानुसार उसका भी मुआवजा दिया जाएगा।
वहीं, हाईटेंशन लाइन का रूट डायवर्ट करने की मांग पर कलेक्टर का कहना है कि बिजली लाइन की दिशा में बदलाव करना आसान नहीं है। रूट बदलने पर किसी अन्य व्यक्ति की जमीन का अधिग्रहण करना पड़ेगा। ऐसे में इस मांग को स्वीकार करना प्रशासन के लिए संभव नहीं है।
फिलहाल देशराज मिश्रा अस्पताल में भर्ती हैं और अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि नियमों के तहत जो मुआवजा बनता है, वह दिया जा रहा है और हाईटेंशन लाइन का रूट डायवर्ट करना संभव नहीं है।
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