एम्स भोपाल में “साथ मिलकर स्वास्थ्य के लिए: विज्ञान के साथ खड़े हों” विषय पर शोध पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन
भोपाल के AIIMS Bhopal में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर नर्सिंग छात्रों ने शोध पोस्टर प्रदर्शनी आयोजित कर वैज्ञानिक सोच, शोध और साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा दिया।
भोपाल: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के नर्सिंग कॉलेज में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर “साथ मिलकर स्वास्थ्य के लिए: विज्ञान के साथ खड़े हों” विषय पर एक प्रभावशाली शोध पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शनी द्वितीय वर्ष एम.एससी. नर्सिंग के छात्रों द्वारा आयोजित की गई। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में साक्ष्य-आधारित प्रथाओं को बढ़ावा देना, नर्सिंग छात्रों में शोध की भावना विकसित करना तथा विश्लेषणात्मक एवं वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा घोषित इस वर्ष के थीम के अनुरूप यह आयोजन स्वास्थ्य के क्षेत्र में विज्ञान की भूमिका और सामूहिक प्रयासों पर केंद्रित रहा।
छात्रों ने शोध पोस्टर प्रस्तुत:
छात्रों ने विभिन्न समकालीन एवं सामाजिक रूप से प्रासंगिक विषयों पर शोध पोस्टर प्रस्तुत किए। इनमें परिवारिक बोझ, मानसिक स्वास्थ्य, कार्डियक रोग, मातृ स्वास्थ्य, ICU देखभाल, ट्रांसजेंडर समुदाय के अनुभव, नवजात देखभाल की विधियां, डायपर उपयोग संबंधी ज्ञान, शराब सेवन विकार से प्रभावित व्यक्तियों के जीवनसाथियों में अवसाद, किशोरों के जीवन कौशल, ऑटिज्म प्रभावित बच्चों के अभिभावकों की चुनौतियां, कार्डियोथोरेसिक सर्जरी के बाद वर्चुअल रियलिटी का उपयोग, हृदय रोगियों में सामाजिक समर्थन, हृदय रोग के जोखिम की धारणा, डायलिसिस के दौरान व्यायाम का प्रभाव, एक्सट्यूबेशन के बाद मौखिक आहार, हैंड-फुट सिंड्रोम, मिडवाइफ आधारित स्वास्थ्य कार्यक्रम, माइंडफुलनेस कार्यक्रम, मातृ नींद सुधार हस्तक्षेप, गाइडेड जर्नलिंग तकनीक और एंडोमेट्रियोसिस जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।

कार्यक्रम का अवलोकन:
कार्यक्रम के दौरान एम्स भोपाल के वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. संजीव कुमार ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने नर्सिंग शोध के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शोध के परिणामों को समाज और वैज्ञानिक समुदाय तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना आवश्यक है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में वास्तविक सुधार लाया जा सके। यह प्रदर्शनी छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक मंच साबित हुई, जहां उन्होंने अपने शोध विचार प्रस्तुत किए और संकाय सदस्यों से मूल्यवान मार्गदर्शन एवं सुझाव प्राप्त किए। कार्यक्रम की प्रासंगिकता और शैक्षणिक गुणवत्ता की सराहना की गई। इस आयोजन से छात्रों को शोध-आधारित नर्सिंग अभ्यास की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।

आयोजन का श्रेय:
इस सफल आयोजन का श्रेय मुख्य रूप से डॉ. ममता वर्मा, प्राचार्य (प्रभारी), नर्सिंग कॉलेज; डॉ. श्वेता पटेल, अतिरिक्त प्रोफेसर, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग तथा डॉ. गीता भारद्वाज, सहायक प्राध्यापक, नर्सिंग कॉलेज को जाता है, जिनके कुशल मार्गदर्शन में पूरा कार्यक्रम संपन्न हुआ।
एम्स भोपाल चिकित्सा शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और साक्ष्य-आधारित अभ्यास को मजबूत करते हैं। संस्थान भविष्य में भी शोध संस्कृति को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

