RTO चालान के नाम पर भेजी APK फाइल से मोबाइल हैक, इंदौर के क्रेन व्यवसायी से 4.22 लाख की ठगी
RTO चालान के नाम पर भेजी गई एक APK फाइल डाउनलोड करने के बाद क्रेन व्यवसायी के बैंक खाते से लाखों रुपये निकाल लिए गए।
इंदौर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जिसमें RTO चालान के नाम पर भेजी गई एक APK फाइल डाउनलोड करने के बाद क्रेन व्यवसायी के बैंक खाते से लाखों रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की है, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है।
क्रेन व्यवसायी को अनजान नंबर से आया था व्हाट्सएप मैसेज
जानकारी के अनुसार लक्ष्मीपुरी कॉलोनी निवासी क्रेन व्यवसायी ओमकार उर्फ पिंटू तिवारी को 4 दिसंबर 2025 को एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर RTO चालान भरने के नाम पर एक APK फाइल भेजी गई। फाइल के साथ यह संदेश भी दिया गया कि उनके वाहन का चालान बकाया है और उसे तुरंत भरना होगा।
ओमकार तिवारी ने बिना जांच-पड़ताल किए उस APK फाइल को अपने मोबाइल में डाउनलोड कर लिया। जैसे ही फाइल इंस्टॉल हुई, मोबाइल में मालवेयर सक्रिय हो गया और साइबर ठगों ने उनके फोन तक पहुंच बना ली। इसके बाद ठगों ने उनके एचडीएफसी बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 4 लाख 22 हजार 500 रुपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिए।
खाते से पैसे कटने के मैसेज आने पर ठगी का पता चला
अगले दिन रात में खाते से पैसे कटने के मैसेज आने पर ओमकार तिवारी को ठगी का पता चला। इसके बाद उन्होंने तुरंत बैंक को सूचना दी और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। प्रारंभिक जांच के बाद साइबर सेल ने केस डायरी मल्हारगंज थाने को सौंप दी है। पुलिस व्हाट्सएप नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी की रकम विदेशी खातों में ट्रांसफर की गई है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आई APK फाइल या लिंक को डाउनलोड न करें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस में शिकायत करें, ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके।
Varsha Shrivastava 
