मऊगंज: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का तीखा हमला
कांग्रेसियों ने कहा- गलत व्याख्या से रोका रास्ता, चुनावी निष्पक्षता पर संकट। संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
मऊगंज से रिपोर्टर राजेंद्र पयासी।
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर शनिवार को मऊगंज में सियासी पारा चढ़ गया। जिला कांग्रेस कार्यालय में शाम 5 बजे बुलाई गई प्रेस वार्ता में नेताओं ने इसे लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय करार दिया।
पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना और जिला प्रभारी ने आरोप लगाया कि कानूनी प्रावधानों की गलत व्याख्या कर नामांकन निरस्त किया गया। तर्क देते हुए कहा गया कि जिस निजी परिवाद को आधार बनाया गया उसमें मीनाक्षी नटराजन अभियुक्त नहीं, बल्कि प्रतिवादी हैं। कानूनी रूप से दोनों का दर्जा अलग है।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33ए का हवाला देते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि फॉर्म-26 में सिर्फ उन्हीं आपराधिक मामलों की जानकारी देनी होती है, जिनमें विधिवत कार्यवाही चल रही हो। कांग्रेस ने कहा कि इस फैसले से भविष्य में किसी भी प्रत्याशी के लिए अनिश्चितता का माहौल बनेगा और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता टूटेगी। लोकतंत्र केवल वोट डालने का नाम नहीं है लोकतंत्र का मतलब है निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी चुनाव।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक सीट की नहीं, संविधान और निष्पक्ष चुनाव की है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रभारी हरीश चौधरी, सांसद विवेक तन्खा और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं।
लोकतंत्र सिर्फ चुनाव कराने से मजबूत नहीं होता, निष्पक्ष चुनाव से होता है। कांग्रेस नेताओं ने दो टूक कहा कि संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
जिला कांग्रेस कार्यालय मऊगंज में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी मऊगंज के अध्यक्ष हरिलाल कोल, युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष आशुतोष तिवारी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता विश्वनाथ मिश्र, शेख मुख्तार सिद्दीकी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मऊगंज के अध्यक्ष एडवोकेट मृत्युंजय चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Varsha Shrivastava 
