सतना में 80 लाख से ज्यादा की निवेश ठगी, पांच महीने से फरार आरोपी गिरफ्तार

सतना में पैसा दोगुना करने का लालच देकर 135 से ज्यादा निवेशकों से 80 लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने पांच महीने से फरार कलेक्शन एजेंट को गिरफ्तार किया।

सतना में 80 लाख से ज्यादा की निवेश ठगी, पांच महीने से फरार आरोपी गिरफ्तार

सतना। बैंक से ज्यादा ब्याज और कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच देकर निवेशकों से ठगी करने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने पांच महीने से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक निजी कंपनी के कलेक्शन एजेंट के तौर पर निवेशकों से रकम जमा कराने और बाद में कंपनी के फरार होने के मामले में शामिल होने का आरोप है। पुलिस के अनुसार अब तक 135 से ज्यादा पीड़ित सामने आ चुके हैं और ठगी की रकम 80 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

रकम दोगुनी करने का झांसा देकर कराया निवेश

सिटी कोतवाली प्रभारी डीएसपी रावेन्द्र द्विवेदी के मुताबिक 15 मार्च को सागर के प्रमोद कुमार दुबे और अन्य लोगों ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा ने एचिवर्स क्रेडिट को-ऑपरेटिव कंपनी में कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देकर उनसे और उनके परिचितों से रकम जमा कराई थी।निवेश की तय अवधि पूरी होने के बाद जब लोगों ने अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें अलग-अलग बहाने बताए जाने लगे। काफी समय तक रकम वापस नहीं मिलने के बाद कंपनी का कार्यालय भी बंद हो गया और कंपनी से जुड़े जिम्मेदार लोग गायब हो गए।

135 से ज्यादा निवेशक आए सामने

पुलिस की जांच में अब तक 135 से ज्यादा निवेशकों के सामने आने की जानकारी मिली है। आरोप है कि कंपनी के कलेक्शन एजेंट और अन्य अधिकारियों ने निवेशकों को आकर्षक रिटर्न का भरोसा देकर उनकी मेहनत की कमाई जमा कराई।पुलिस के मुताबिक अभी तक सामने आए मामलों में ठगी की रकम 80 लाख रुपये से अधिक है। जांच आगे बढ़ने के साथ पीड़ितों की संख्या और ठगी की रकम बढ़ने की संभावना भी जताई गई है।

पांच महीने से बदल रहा था ठिकाना

पुलिस ने सोमवार को मामले में फरार चल रहे कलेक्शन एजेंट चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा, उम्र 34 वर्ष, निवासी पीएम आवास उतैली, थाना कोलगवां, को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले करीब पांच महीने से लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे केंद्रीय जेल भेज दिया गया।

कंपनी के डायरेक्टर और मैनेजर की तलाश जारी

मामले में कंपनी के डायरेक्टर और मैनेजर अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की टीमें दोनों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।आरोपी की गिरफ्तारी में उप निरीक्षक नरेन्द्र सिंह गहरवार, आरक्षक उपेश पाठक और सुभाष पटेल की अहम भूमिका रही।