उज्जैन स्टेशन पर अब माताओं के लिए वात्सल्य केंद्र और नि:शुल्क सैनिटरी पैड की सुविधा शुरू

उज्जैन रेलवे स्टेशन पर “ममता संग सम्मान” पहल के तहत वात्सल्य केंद्र और निःशुल्क सैनिटरी पैड मशीन का लोकार्पण किया गया। यह पहल महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है।

उज्जैन स्टेशन पर अब माताओं के लिए वात्सल्य केंद्र और नि:शुल्क सैनिटरी पैड की सुविधा शुरू
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महिलाओं एवं बच्चों की गरिमा, सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासकीय रेलवे पुलिस, इंदौर द्वारा उज्जैन रेलवे स्टेशन परिसर में “ममता संग सम्मान” पहल के अंतर्गत आज वात्सल्य केंद्र एवं निःशुल्क सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन का सफलतापूर्वक लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मविलोचन शुक्ल, पुलिस अधीक्षक जिला बड़वानी रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर निगम उज्जैन के उपायुक्त संतोष टैगोर व स्टेशन अधीक्षक संजय सक्सेना उपस्थित रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमंत चौहान एवं उप पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर ज्योति शर्मा के मार्गदर्शन में कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

इस पहल के अंतर्गत स्थापित वात्सल्य केंद्र माताओं को एक सुरक्षित, स्वच्छ एवं सम्मानजनक स्थान प्रदान करेगा, जहां वे यात्रा के दौरान अपने शिशुओं को सहजता से दुग्धपान करा सकेंगी। वहीं निःशुल्क सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन किशोरियों एवं महिलाओं को स्वच्छता एवं सम्मान के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत बढ़ने वाली यात्री संख्या को ध्यान में रखते हुए यह पहल अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

कार्यक्रम के दौरान 17 वर्षीय दिव्यांग बालिका सुश्री ट्रिशा को ट्रायसिकल प्रदान कर मानवता एवं सेवा का संदेश दिया गया। साथ ही “हमारी सवारी-भरोसे वाली” अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट फीडबैक प्राप्त करने वाले ऑटो चालकों को सम्मानित किया गया तथा “पुलिस का सहयोग-कुली का सहारा, स्टेशन बने सुरक्षित हमारा” अभियान के अंतर्गत पुलिस सहयोगी कुलियों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में ऑटो चालक, रेलवे कुली, रक्षा समिति सदस्य, हीरामिल स्कूल के प्राचार्य एवं शिक्षकगण, मीडिया प्रतिनिधि, रेलवे स्टाफ एवं जीआरपी अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अभिनव पहल में योगेश्वर श्रीकृष्ण फाउंडेशन, इंदौर एवं मोयरा स्टील का विशेष सहयोग रहा। मंच संचालन उनि(अ) पूनम शर्मा द्वारा किया गया तथा सूबेदार वर्षा गौर की टीम ने उत्कृष्ट व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।

मुख्य अतिथि पद्मविलोचन शुक्ल ने अपने उद्बोधन में कहा कि-

“पुलिस का दायित्व केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के सम्मान एवं सुविधा का ध्यान रखना भी है। ‘ममता संग सम्मान’ जैसी पहलें संवेदनशील पुलिसिंग का सशक्त उदाहरण हैं।”

विशिष्ट अतिथि संतोष टैगोर ने कहा कि-

“यह पहल महिलाओं के सम्मान एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता का उत्कृष्ट प्रयास है, जो अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणादायक है।”

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमंत चौहान ने कहा कि-

“जीआरपी द्वारा यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।”

उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम की परिकल्पना श्री पद्मविलोचन शुक्ल द्वारा उनके रेल इंदौर में कार्यकाल के दौरान की गई थी, जिसे आज मूर्त रूप दिया गया कार्यक्रम का सफल आयोजन जनसहभागिता, सामाजिक सहयोग एवं पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।