नंदीग्राम उपचुनाव से हटीं TMC प्रत्याशी : CM से मीटिंग के बाद लिया फैसला, ममता के समर्थन के बाद कांग्रेस प्रत्याशी गिरफ्तार
Milan Pradhan Arrested : पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले ममता गुट की कैंडिडेट संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। संचिता ने नाम वापसी को लेकर लेटर भी जारी किया।
Milan Pradhan Arrested : कोलकाता। पश्चिम बंगाल में उपचुनाव से पहले बड़ा खेला हो गया है। एक तरफ नंदीग्राम से टीएमसी उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। वहीं पूर्व सीएम ममता बनर्जी के कांग्रेस को समर्थन देने के कुछ देर बाद ही कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई एक पुराने केस के सिलसिले में की गई है। संचिता ने नामांकन वापसी के फैसले से पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। संचिता के फैसले के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी को अपना समर्थन देने का ऐलान किया था। TMC ने 13 सितंबर को नंदीग्राम से संचिता और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार घोषित किया था।

रेजीनगर से उम्मीदवार मैदान में
संचिता के नाम वापस लेने के बाद रेजीनगर सीट से रबीउल आलम चौधरी मैदान में बने हुए हैं। नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। वहीं, रेजीनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
ममता का कांग्रेस को समर्थन
ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि उनका गुट नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन करेगा। साथ ही वह अब इस सीट पर अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारेंगी। यह घोषणा ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद हुई है।
संचिता प्रधान डे के उम्मीदवारी वापस लिए जाने के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें गुरुवार को फोन किया था। ममता ने INDIA गठबंधन के प्रति पूरी एकजुटता जताते हुए कहा कि सभी मिलकर लड़ेंगे। उन्होंने अरविंद केजरीवाल के ट्वीट का भी जिक्र किया और कहा कि सभी मिलकर लड़ाई लड़ेंगे।
नाम वापसी के बाद क्या होगा?
नाम वापसी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी करेगा। वैध रूप से नाम वापस लेने वाला उम्मीदवार उसी चुनाव में दोबारा नामांकन नहीं कर सकता। अगर किसी सीट पर सिर्फ एक उम्मीदवार बचता है, तो नियमों के अनुसार निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति बन सकती है। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर प्रक्रिया पूरी कर परिणाम घोषित करता है।
TMC को मिला नया नाम और सिंबल
चुनाव आयोग ने दोनों TMC गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चिह्न मिला है। दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ और ‘लिफाफा’ चिह्न दिया गया है। आयोग ने मूल TMC नाम और ‘फूल-घास’ चिह्न के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगाई है।
नंदीग्राम क्यों है अहम?
नंदीग्राम लंबे समय से TMC और BJP के राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने TMC के राजनीतिक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 2021 में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार मिली थी।
शुभेंदु ने खाली की नंदीग्राम सीट
साल 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की। भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया। अधिकारी को 73,917 और ममता को 58,812 वोट मिले। इसके बाद अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया। इससे नंदीग्राम सीट खाली हुई।

