भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बदहाल: 350 से घटकर 60 बसें, इलेक्ट्रिक बसों का इंतजार बरकरार

भोपाल में बसों की संख्या घटकर 350 से 60 रह जाने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था लगभग ठप हो गई है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत में देरी और खराब बस सेवाओं के कारण लोगों का सफर मुश्किल और महंगा होता जा रहा है।

भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बदहाल: 350 से घटकर 60 बसें, इलेक्ट्रिक बसों का इंतजार बरकरार
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राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। एक ओर जहां शहर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का इंतजार लंबा खिंचता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मौजूदा बस सेवा की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि आम लोगों का रोजाना सफर मुश्किल बन गया है।

जानकारी के मुताबिक, दो साल पहले तक शहर की सड़कों पर करीब 350 बीसीएलएल बसें दौड़ती थीं, लेकिन अब यह संख्या घटकर महज 60 रह गई है। यानी करीब 83 फीसदी बसें सड़कों से गायब हो चुकी हैं। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है और पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था लगभग ठप होने की स्थिति में पहुंच गई है।

शहर के प्रमुख बस स्टॉप जैसे बोर्ड ऑफिस, रेलवे स्टेशन, न्यू मार्केट और एम्स पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। कई रूट्स पर लोगों को बस के लिए एक-एक घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। बसों की कमी का फायदा उठाकर ऑटो चालक भी मनमाना किराया वसूल रहे हैं, जिससे लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

जो बसें फिलहाल संचालित हो रही हैं, उनकी हालत भी बेहद खराब है। कई बसों में टूटी सीटें, खराब खिड़कियां और गर्म लोहे-फाइबर की बॉडी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। तकनीकी खराबियों के चलते बसें बीच रास्ते में बंद हो जाना आम बात हो गई है।

गर्मी के मौसम ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। अधिकांश बस स्टॉप पर छाया की समुचित व्यवस्था नहीं है। टीन शेड दोपहर में भट्टी की तरह तपते हैं, जिससे यात्रियों को तेज धूप और गर्मी में खड़े रहना पड़ता है।

इधर, प्रशासन द्वारा मार्च-अप्रैल 2026 तक 100 इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने का दावा किया गया था, लेकिन अब तक एक भी बस सड़कों पर नहीं उतर सकी है। कस्तूरबा नगर, संत हिरदाराम नगर, आरिफ नगर और कोलार में डिपो निर्माण कार्य जारी है। योजना के तहत 5 प्रमुख रूट्स पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित है, जिससे करीब 80 हजार यात्रियों को राहत मिलने का दावा किया जा रहा है।