पब्लिक वाणी खबर का असर: मऊगंज में टंकी ढहने के मामले में बड़ी विभागीय कार्रवाई
टेस्टिंग में धराशाई हुई पानी की टंकी। प्रभारी सहायक यंत्री पर गिरी गाज। प्रमुख अभियंता ने किया निलंबित। मेजर्स शिवेंद्र तिवारी संविदाकार ने 121.42 लाख की लागत से कराया था निर्माण कार्य।
मऊगंज। जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत जिले के जनपद पंचायत नईगढ़ी क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत खटखरी में बनाई गई पानी की टंकी टेस्टिंग के दौरान धराशाई हो जाने के मामले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता संजय कुमार अंधवान ने प्रभारी सहायक यंत्री को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जल जीवन मिशन ग्रामीण परियोजना में तथाकथित निर्माण कार्य के दौरान हुए भ्रष्टाचार की वजह से हालात कुछ इस कदर बने कि परीक्षण के दौरान पानी का दबाव टंकी सह नहीं पाया और 27 मार्च की तड़के पानी भरते ही कंक्रीट युक्त पानी की टंकी ताश के पत्तों की तरह मलवे में तब्दील हो गई। संविदाकार द्वारा प्राक्कलन के विपरीत कराए गए निर्माण कार्य के कारण टेस्टिंग के दौरान टंकी धराशाई हो जाने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया, वहीं जिले से लेकर प्रदेश स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों के बीच भी खलबली मच गई।

आनन-फानन विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच प्रारंभ की। परीक्षण उपरांत जिले एवं संभागीय स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर क्षेत्र के प्रभारी सहायक यंत्री को प्रमुख अभियंता द्वारा निलंबित कर दिया गया। टेस्टिंग के दौरान धराशाई हुई पानी की टंकी के मामले में जांच कार्यवाही में यह पाया गया कि टंकी के धराशाई होने से एक तरफ शासन को वित्तीय हानि हुई, वहीं विभाग की भी छवि धूमिल हुई।

शासकीय कार्यों के निष्पादन में घोर लापरवाही, कर्तव्यों का समुचित निर्वहन न करने और उदासीनता बरतने के लिए उप यंत्री एवं प्रभारी सहायक यंत्री आप तिवारी को जिम्मेदार माना गया है। इसी के तहत उप यंत्री यानी प्रभारी सहायक यंत्री उपखंड त्योंथर, जिला मऊगंज को मध्य प्रदेश सिविल सेवा के प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अधीक्षक कार्यालय यंत्री, लोक स्वास्थ्य यंत्र, रीवा मंडल, रीवा निर्धारित किया गया है।
पुनरीक्षित कर बढ़ाई गई थी योजना की लागत
मऊगंज जिले के नई गाड़ी विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत खटखरी में जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वीकृत अकाल ग्राम नल जल योजना की मूल लागत 75.19 लाख थी। बाद में पुनरीक्षित योजना की लागत 121.42 लाख स्वीकृत की गई। योजना के तहत ICC उच्च स्तरीय टंकी की क्षमता 75 किलोमीटर का निर्माण कार्य अनुबंध क्रमांक 23/21-22, कार्यादेश क्रमांक 980 के तहत मैसर्स शिवेंद्र कुमार तिवारी द्वारा कराया जा रहा था। लेकिन आम जनमानस को शुद्ध पेयजल मिलने से पहले ही निर्माण की गई पानी की टंकी टेस्टिंग के दौरान ही ध्वस्त हो गई।

विभागीय अधिकारियों की अनदेखी एवं ठेकेदार द्वारा कथित अनियमितताओं के कारण नियम-कायदों को दरकिनार कर कराए गए निर्माण कार्य का परिणाम यह हुआ कि सवा करोड़ की लागत से बनाई गई टंकी का एक बूंद पानी भी आम जनमानस को नसीब नहीं हो पाया।
गुणवत्ता खराब होने के कारण धराशाई हुई पानी की टंकी
मऊगंज जिले के ग्राम पंचायत खटखरी में बनाई गई पानी की टंकी की निर्माण गुणवत्ता खराब होने के कारण हर घर नल से जल योजना के तहत लगाई गई टंकी टेस्टिंग में ढह गई। टंकी को जल जीवन मिशन ग्रामीण द्वारा लगाया गया था। इस मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए प्रभारी सहायक यंत्री को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि पानी की टंकी निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार किया गया था, जिसके चलते टंकी उद्घाटन से पहले ही टेस्टिंग में गिर गई।

नल जल योजना में भ्रष्टाचार जांच कार्यवाही में उठे सवाल – नृपेन्द्र सिंह पिंटू
जल जीवन मिशन में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है और अनवरत हो रहा है। नल जल योजना को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने वाले वर्तमान मऊगंज के कार्यपालिका नियंत्रित के खिलाफ कार्यवाही ना होना समझ से परे है। नल जल योजना को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने वाले ऐसे अधिकारी को कभी रीवा का प्रभार, कभी मऊगंज का प्रभार और कभी दोनों जिलों का प्रभार सौंपा जाता है। ये अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों को बेहतर व्यवस्था की झूठी जानकारी पेश करते हैं, जबकि जमीनी हालात बद से बदतर होते हैं।

कटकारी ग्राम पंचायत में टेस्टिंग के दौरान धराशाई हुई पानी की टंकी सहित अन्य ग्राम पंचायतों में निर्मित या निर्माणाधीन योजनाओं की जांच कर दोषियों पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।
महेंद्र सिंह, अधीक्षण यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग रीवा ने कहा – निर्माण कार्य की देखरेख की जिम्मेदारी उप यंत्री एवं सहायक यंत्री की होती है। लापरवाही के कारण सहायक यंत्री को निलंबित किया गया है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच उपरांत जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
Varsha Shrivastava 
