खनिज रॉयल्टी से मालामाल MP: 5 साल में दोगुना राजस्व, 11 हजार करोड़ के पार पहुंची कमाई

खनिज की रॉयल्टी से भरा मध्य प्रदेश सरकार का खजाना। वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 11 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया।

खनिज रॉयल्टी से मालामाल MP: 5 साल में दोगुना राजस्व, 11 हजार करोड़ के पार पहुंची कमाई

मध्य प्रदेश सरकार की आय का एक बड़ा स्रोत खनिज रॉयल्टी लगातार मजबूत होता जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार ने खनिजों से 11,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व हासिल कर लिया है। 27 मार्च 2026 तक यह आंकड़ा 11,009.92 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि वित्तीय वर्ष खत्म होने में अभी तीन दिन शेष हैं। ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अंतिम आंकड़ा इससे भी अधिक हो सकता है। खास बात यह है कि इस साल मार्च महीने में ही सबसे ज्यादा 1617.81 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, जो पूरे वर्ष का उच्चतम मासिक संग्रह है।

5 साल में दोगुना हुआ राजस्व

यदि पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो खनिज रॉयल्टी से होने वाली आय में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। वर्ष 2020-21 में यह आंकड़ा 5185.21 करोड़ रुपये था, जो 2021-22 में बढ़कर 7122.71 करोड़ हो गया। इसके बाद 2022-23 में 8218.06 करोड़, 2023-24 में 10065.73 करोड़ और 2024-25 में 10290.11 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। अब 2025-26 में यह आंकड़ा 11 हजार करोड़ के पार पहुंच चुका है। यानी महज पांच वर्षों में खनिज रॉयल्टी से मिलने वाला राजस्व लगभग दोगुना हो गया है, जो राज्य की आर्थिक स्थिति के लिए सकारात्मक संकेत है।

माहवार राजस्व में भी लगातार बढ़ोतरी

वित्तीय वर्ष 2025-26 के माहवार आंकड़े भी इस बढ़ोतरी को स्पष्ट करते हैं। अप्रैल में 641.82 करोड़, मई में 732.65 करोड़, जून में 1063.56 करोड़, जुलाई में 723.27 करोड़, अगस्त में 709.01 करोड़, सितंबर में 983.13 करोड़, अक्टूबर में 778.40 करोड़, नवंबर में 830.48 करोड़ और दिसंबर में 1235.64 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं 2026 के जनवरी में 917.79 करोड़, फरवरी में 776.36 करोड़ और मार्च में 1617.81 करोड़ रुपये की बड़ी वसूली हुई है। यह आंकड़े बताते हैं कि सरकार ने खनिज क्षेत्र में राजस्व संग्रहण को मजबूत किया है।

अवैध खनन पर सख्ती, करोड़ों का जुर्माना

राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ सरकार अवैध खनन के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर रही है। बैतूल जिले के ग्राम अंबाड़ा में खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन का खुलासा किया। जांच के दौरान पाया गया कि निजी भूमि पर पोकलेन मशीन के जरिए पत्थर और बोल्डर का अवैध खनन किया जा रहा था। इस मामले में एक क्रशर संचालक पर 2 करोड़ 12 लाख 31 हजार रुपये का जुर्माना प्रस्तावित किया गया है। वहीं दूसरे संचालक के खिलाफ मध्य प्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के तहत अलग से कार्रवाई की जा रही है।

अवैध परिवहन पर भी कार्रवाई

संयुक्त टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए एक डंपर (क्रमांक एमपी 48 एच 0520) को अवैध खनिज परिवहन करते हुए जब्त किया। जांच में यह भी सामने आया कि खसरा नंबर 413/2 और 408 की भूमि पर बिना अनुमति खनन किया जा रहा था। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध खनन और परिवहन के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।