उड़द पर 600 रुपये बोनस के फैसले को कैबिनेट की मंजूरी, CM ने कहा- जनजातीय बहुल जिलों में होगी कृषि कैबिनेट की बैठक

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि कैबिनेट बैठक में उड़द पर ₹600 प्रति क्विंटल बोनस को मंजूरी दी गई। साथ ही सीएम ने भगोरिया उत्सव के दौरान बड़वानी, धार और झाबुआ में कृषि कैबिनेट की बैठक की घोषणा की।

उड़द पर 600 रुपये बोनस के फैसले को कैबिनेट की मंजूरी, CM ने कहा- जनजातीय बहुल जिलों में होगी कृषि कैबिनेट की बैठक
MP Cabinet Meeting

भोपाल। 24 फरवरी सोमवार को आयोजित मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में किसानों के हित में बड़े फैसलों को मंजूरी मिली। कैबिनेट ने किसानों के लिए 10,520 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी दी है। अगले 5 साल यानी 2031 तक 5 बड़ी कृषि योजनाएं जारी रहेंगी। सिंचाई से लेकर प्राकृतिक खेती तक मोहन सरकार हर कदम पर साथ देगी। साथ ही ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पर अनुदान मिलता रहेगा। 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विधानसभा के समिति कक्ष में हुई कैबिनेट मीटिंग

सबसे पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विधानसभा के समिति कक्ष में वंदे मातरम् गायन के साथ कैबिनेट की बैठक आरंभ हुई। जिसके बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान किसानों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य कैबिनेट ने कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।

सीएम ने बताया कि राज्य कार ने उड़द के उपार्जन पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला किया है। इस निर्णय से प्रदेश के हजारों किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

सरसों पर भावांतर योजना लागू, उत्पादन में 28% वृद्धि का अनुमान

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरसों के लिए 71 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। किसानों को उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से भावांतर योजना के तहत भुगतान किया जाएगा। सरकार का आकलन है कि इस वर्ष सरसों उत्पादन में करीब 28 प्रतिशत की वृद्धि होगी। इससे न केवल किसानों को बेहतर आमदनी मिलेगी, बल्कि तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में भी प्रदेश आगे बढ़ेगा। सरकार प्राकृतिक खेती और तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान भी चला रही है।

10 हजार करोड़ से अधिक की योजनाओं को मंजूरी

 किसानों के कल्याण के लिए 3285.50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जबकि एक अन्य योजना में 2863.86 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। कुल मिलाकर कैबिनेट ने पांच अलग-अलग योजनाओं में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि को हरी झंडी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय में स्थिरता लाना है।

जनजातीय बहुल जिलों में कृषि कैबिनेट की तैयारी

 मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जनजातीय बहुल जिलों—Barwani, Dhar और Jhabua—में कृषि कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक मालवा अंचल के प्रसिद्ध जनजातीय लोकपर्व Bhagoria Festival के दौरान आयोजित करने की तैयारी है। सरकार का उद्देश्य है कि सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ-साथ विकास और कृषि सुधारों पर भी फोकस किया जाए।

किसानों के मुद्दों पर विशेष सत्र का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने किसानों से जुड़े विषयों पर विशेष सत्र आयोजित करने का भी प्रस्ताव रखा। इस सत्र में चल रही योजनाओं की समीक्षा, नई रणनीतियों पर चर्चा और किसानों की समस्याओं के समाधान पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जनजातीय क्षेत्रों के किसानों को भी मुख्यधारा की योजनाओं का पूरा लाभ मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार आए।

कैबिनेट के ये भी बड़े फैसले -

  • PM राष्ट्रीय कृषि विकास योजना ₹2,010 करोड़ कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
  • ​PM कृषि सिंचाई योजना ₹2,400 करोड़ ड्रिप और स्प्रिंकलर पर भारी सब्सिडी
  • ​खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन ₹3,300 करोड़ गेहूं धान और दलहन उत्पादन को बढ़ावा
  • ​खाद्य तेल मिशन ऑयल सीड ₹1,800 करोड़ तिलहन किसानों को सीधा लाभ
  • ​प्राकृतिक खेती मिशन: ₹1,010 करोड़ केमिकल मुक्त खेती पर जोर