CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा, जल्द बनेगा पाल-गड़रिया समाज का बोर्ड

भोपाल के रवींद्र भवन में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर स्मृति समारोह में CM मोहन यादव ने पाल-गड़रिया समाज के बोर्ड के जल्द गठन की घोषणा की।

CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा, जल्द बनेगा पाल-गड़रिया समाज का बोर्ड

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर स्मृति समारोह में पाल-गड़रिया समाज को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही पाल-गड़रिया समाज के बोर्ड का गठन करेगी, ताकि समाज के लोगों को समुचित प्रतिनिधित्व और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

कार्यक्रम का आयोजन लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 231वीं पुण्यतिथि के अवसर पर किया गया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और लोकमाता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

देवी अहिल्याबाई को बताया सुशासन की प्रतिमूर्ति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर मालवा की ऐसी शासिका थीं, जिनके योगदान से मध्य प्रदेश और देश गौरवान्वित होता है। उन्होंने अपने शासनकाल में सुशासन के नए प्रतिमान स्थापित किए।

उन्होंने कहा कि देवी अहिल्याबाई का जीवन सेवा, सुशासन, न्याय, त्याग, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की प्रेरणा देता है। राज्य सरकार भी उनके आदर्शों को आधार बनाकर प्रदेश के विकास के लिए काम कर रही है।

पाल-गड़रिया समाज के लिए बनेगा बोर्ड

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के मूलमंत्र के साथ काम कर रही है। पाल-गड़रिया समाज को गोपाल कृष्ण के वंशज बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही समाज के लिए बोर्ड का गठन करेगी।

उन्होंने कहा कि बोर्ड के माध्यम से समाज के लोगों को बेहतर प्रतिनिधित्व और उनके कल्याण से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी। सरकार गड़रिया समाज के सुख-दुख और कल्याण के लिए हमेशा तत्पर है।

पशुपालन और दूध उत्पादन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के लिए दूध उत्पादन और पशुपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि पशुपालन से जुड़े परिवारों की आय बढ़े और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

समारोह में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, उनके प्रशासन और समाज के प्रति योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प भी लिया गया।