दतिया से नरोत्तम मिश्रा की जगह Ashutosh Tiwari पर BJP ने खेला दांव

भाजपा ने मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया है। केंद्रीय चुनाव समिति ने जारी की आधिकारिक सूची।

दतिया से नरोत्तम मिश्रा की जगह Ashutosh Tiwari पर BJP ने खेला दांव

मध्य प्रदेश की राजनीतिक रूप से अहम दतिया विधानसभा सीट एक बार फिर चर्चा में है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है। 10 जुलाई 2026 को भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। इस घोषणा के साथ ही यह साफ हो गया कि पार्टी इस बार दतिया में नए चेहरे के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। माना जा रहा है कि भाजपा स्थानीय संगठन, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और नई रणनीति के सहारे खोई हुई सीट वापस हासिल करने की कोशिश करेगी।

कौन हैं आशुतोष तिवारी?

आशुतोष तिवारी लंबे समय से भाजपा के संगठन से जुड़े हुए हैं और उनकी पहचान जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में रही है। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा से जुड़े रहे हैं और छात्र जीवन से ही सामाजिक व संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे। भाजपा संगठन में उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं और बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक कार्यकर्ताओं के साथ लगातार काम किया है। संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका और क्षेत्रीय पकड़ को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने उन्हें दतिया जैसे महत्वपूर्ण उपचुनाव में मौका दिया है।

दतिया में उपचुनाव और 2023 में भाजपा की हार

दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए कराया जा रहा है क्योंकि वर्ष 2023 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने राजेंद्र भारती की सदस्यता अदालत से तीन वर्ष की सजा मिलने के बाद कानूनी प्रावधानों के तहत समाप्त हो गई। इसके चलते यह सीट रिक्त हो गई और निर्वाचन आयोग ने यहां उपचुनाव कराने का निर्णय लिया। यही सीट 2023 के विधानसभा चुनाव में पूरे प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में भी शामिल रही थी। भाजपा ने तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को मैदान में उतारा था, लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने करीब 7,700 वोटों के अंतर से उन्हें हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार स्थानीय मुद्दों, सत्ता विरोधी माहौल, सामाजिक समीकरणों और कांग्रेस की मजबूत जमीनी रणनीति ने इस नतीजे में अहम भूमिका निभाई। अब भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा के बजाय आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाकर नई रणनीति अपनाई है और पार्टी खोई हुई सीट को दोबारा अपने कब्जे में लेने की कोशिश करेगी। दूसरी ओर कांग्रेस भी अपनी जीत बरकरार रखने के इरादे से मैदान में उतरेगी, जिससे दतिया उपचुनाव प्रदेश की सबसे दिलचस्प राजनीतिक लड़ाइयों में से एक बन गया है।

भाजपा ने इस बार नया चेहरा क्यों चुना?

इस उपचुनाव में भाजपा ने अनुभवी नेता के बजाय संगठन से निकले चेहरे पर भरोसा जताया है। आशुतोष तिवारी को टिकट देकर पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को प्रतिनिधित्व देने की नीति पर काम कर रही है। आरएसएस पृष्ठभूमि, संगठनात्मक अनुभव और क्षेत्र में सक्रियता को उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है। वहीं कांग्रेस भी इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखने की तैयारी में है। ऐसे में दतिया उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि दोनों प्रमुख दलों की राजनीतिक रणनीति और जनाधार की बड़ी परीक्षा बनने जा रहा है।

हेमंत खंडेलवाल ने दी बधाई

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाने पर आशुतोष तिवारी को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भोपाल स्थित उनके निवास पर भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के साथ आशुतोष तिवारी से मुलाकात हुई। इस दौरान उन्हें उपचुनाव के लिए प्रत्याशी बनाए जाने पर बधाई दी गई और जीत के लिए अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।

खंडेलवाल ने अपने पोस्ट में बताया कि इस अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन और भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर भी मौजूद रहे। इसे दतिया उपचुनाव के लिए भाजपा की चुनावी तैयारियों और संगठन की एकजुटता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं

दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी आशुतोष तिवारी को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा, "श्री आशुतोष तिवारी जी को हार्दिक बधाई एवं विजय की अग्रिम शुभकामनाएं।" मुख्यमंत्री ने भाजपा मध्य प्रदेश के आधिकारिक पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए यह संदेश साझा किया। इसके बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से आशुतोष तिवारी को शुभकामनाएं देना शुरू कर दिया।