मध्य प्रदेश में विकास प्राधिकरणों में बड़े बदलाव: ग्वालियर, उज्जैन, अमरकंटक समेत कई जगह नई नियुक्तियां

उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता रवि सोलंकी की ताजपोशी। ग्वालियर विकास प्राधिकरण में मधुसूदन भदौरिया को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।

मध्य प्रदेश में विकास प्राधिकरणों में बड़े बदलाव: ग्वालियर, उज्जैन, अमरकंटक समेत कई जगह नई नियुक्तियां

मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 26 अप्रैल 2026 को एक अहम प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए राज्य के कई विकास प्राधिकरणों में बड़े स्तर पर नियुक्तियां की हैं। यह आदेश मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, ग्वालियर, उज्जैन, अमरकंटक समेत विभिन्न क्षेत्रों के विकास प्राधिकरणों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की अस्थायी नियुक्ति की गई है, जो आगामी आदेश तक प्रभावी रहेंगी।

ग्वालियर विकास प्राधिकरण में नियुक्तियां

जारी आदेश के मुताबिक ग्वालियर विकास प्राधिकरण में मधुसूदन भदौरिया को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, सुधीर गुप्ता और वेद प्रकाश शिवहरे को उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्तियां कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से लागू मानी जाएंगी और अगली अधिसूचना तक प्रभावी रहेंगी।

इसके अलावा, एक अन्य आदेश में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण ग्वालियर में भी बदलाव किया गया है। इसमें अशोक शर्मा को अध्यक्ष और हरीश मेवाफरोश को उपाध्यक्ष बनाया गया है। यह नियुक्तियां भी अस्थायी रूप से की गई हैं।

उज्जैन विकास प्राधिकरण में बड़ा फेरबदल

उज्जैन विकास प्राधिकरण में भी सरकार ने व्यापक स्तर पर नियुक्तियां की हैं। यहां रविंद्र (रवि) सोलंकी को अध्यक्ष बनाया गया है। उपाध्यक्ष के रूप में मुकेश यादव और रवि वर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही कई सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है, जिनमें शामिल हैं:

  • विजय अग्रवाल
  • अमित श्रीवास्तव
  • रामचंद्र शर्मा (रामगुरु)
  • सुशीला जाटवा
  • दुर्गा बिलोचिया

इन सभी को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है और यह भी कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी रहेंगे।

अमरकंटक विकास प्राधिकरण में नई नियुक्ति

अमरकंटक विकास प्राधिकरण, जिला अनूपपुर में भी बदलाव किया गया है। यहां राजेन्द्र भारती को अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति भी अस्थायी रूप से की गई है और आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।

किस कानून के तहत हुई कार्रवाई

सरकार द्वारा जारी इन सभी आदेशों में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यह नियुक्तियां मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 40 और कुछ मामलों में धारा 65 के तहत दी गई शक्तियों का उपयोग करते हुए की गई हैं। साथ ही, मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम 2012 के प्रावधानों को भी लागू किया गया है।

आदेश की प्रक्रिया और हस्ताक्षर

सभी आदेश भोपाल से जारी किए गए हैं और इन्हें उप सचिव चंद्रकांत साधव ने डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित किया है। आदेश में यह भी उल्लेख है कि यह नियुक्तियां राज्यपाल के नाम से और उनके आदेशानुसार जारी की गई हैं।

किन-किन अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि

इन आदेशों की प्रतिलिपि राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारियों और विभागों को भेजी गई है, जिनमें शामिल हैं:

  • अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय
  • उप सचिव, मुख्य सचिव कार्यालय
  • आयुक्त सह संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश
  • संबंधित जिलों के कलेक्टर
  • संबंधित विकास प्राधिकरणों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी
  • शासकीय केंद्रीय मुद्रणालय, भोपाल (राजपत्र प्रकाशन हेतु)

क्या है इस फैसले का महत्व

इन नियुक्तियों को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि विकास प्राधिकरण शहरी योजना, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और भूमि प्रबंधन जैसे अहम कार्यों में भूमिका निभाते हैं। नए अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति से इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम राज्य के शहरी और क्षेत्रीय विकास को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। विभिन्न विकास प्राधिकरणों में नए चेहरों को जिम्मेदारी देकर सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को सक्रिय और प्रभावी बनाने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि ये नियुक्तियां जमीन पर विकास कार्यों को कितनी तेजी देती हैं।