Bhopal Lokayukta Action : भोपाल लोकायुक्त का एक्शन, रिश्वत लेते महिला पटवारी सीमा दांगी और सहायक ट्रैप

Bhopal Lokayukta Action : एक साल के भीतर यह पांचवां मामला है, जिसमें लोकायुक्त ने रिश्वत से जुड़े मामले में कर्मचारी या संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की है।

Bhopal Lokayukta Action : भोपाल लोकायुक्त का एक्शन, रिश्वत लेते महिला पटवारी सीमा दांगी और सहायक ट्रैप

Bhopal Lokayukta Action : मध्य प्रदेश। राजगढ़ के जीरापुर में जमीन के नामांतरण के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला पटवारी ने आवेदक से नामांतरण की कार्रवाई करने के लिए 7 हजार रुपये की मांग की थी। रिश्वत देने के बजाय आवेदक ने लोकायुक्त पुलिस भोपाल से शिकायत की। शिकायत और सत्यापन के बाद लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। टीम ने पटवारी सीमा दांगी और सह-आरोपित जमना प्रसाद उर्फ बबलू वर्मा को 7 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।

जमीन के नामांतरण के लिए मांगे 7 हजार

लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता राम प्रसाद दांगी ग्राम श्यामपुरा, तहसील जीरापुर के निवासी हैं। उन्होंने ग्राम खेजड़िया के हल्का नंबर 78 में स्थित खसरा नंबर 407/1 की जमीन के नामांतरण के लिए आवेदन किया था।

आवेदन की स्थिति जानने के लिए उन्होंने संबंधित पटवारी सीमा दांगी से संपर्क किया। आरोप है कि पटवारी ने बिना पैसे के काम करने से इनकार किया और नामांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले 7 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।

13 अगस्त को लोकायुक्त में की शिकायत

आवेदक ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए आरोपित कर्मचारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद 13 अगस्त 2026 को उन्होंने लोकायुक्त पुलिस, भोपाल संभाग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का सत्यापन कराया।

सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि होने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के निर्देश पर इसके लिए विशेष दल का गठन किया गया।

निजी कार्यालय में रिश्वत लेते पकड़े गए

लोकायुक्त की टीम ने जीरापुर में कार्रवाई की। आरोप के मुताबिक, पटवारी सीमा दांगी हल्का नंबर 78, ग्राम खेजड़िया में पदस्थ थीं। उन्हें सह-आरोपित जमना प्रसाद उर्फ बबलू पिता श्यामलाल वर्मा के माध्यम से रिश्वत की रकम लेते पकड़ा गया।

यह कार्रवाई पटवारी के निजी कार्यालय, सिरपोई कॉलोनी, जीरापुर में की गई। टीम ने मौके से 7 हजार रुपये की रिश्वत राशि बरामद की और दोनों आरोपितों के खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू की।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज

लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 में 2018 के संशोधन के तहत धारा 7 में अपराध दर्ज किया है। मामले में नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। 

ट्रैप दल का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह ने किया। टीम में निरीक्षक रजनी तिवारी, जीएस मर्सकोले, प्रधान आरक्षक मुकेश पटेल, आरक्षक मनमोहन साहू, रवि शर्मा, प्रसेनजीत, हेमेन्द्र पाल, हिम्मत सिंह और रक्षा परमार शामिल रहे।

एक साल में पांचवीं कार्रवाई 

इस कार्रवाई को राजगढ़ जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की लगातार कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, करीब एक साल के भीतर यह पांचवां मामला है, जिसमें लोकायुक्त ने रिश्वत से जुड़े मामले में कर्मचारी या संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की है। इससे पहले भी राजगढ़ जिले में पंचायत, स्वास्थ्य, राजस्व और मत्स्य विभाग से जुड़े मामलों में ट्रैप कार्रवाई हो चुकी है।

केस- 1: ग्राम रोजगार सहायक पर 10 हजार की रिश्वत का आरोप

17 जुलाई को लोकायुक्त टीम ने राजगढ़ जनपद की ग्राम पंचायत लाख्या के ग्राम रोजगार सहायक दिनेश कुमार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। शिकायत पंचायत के सरपंच बीरम सिंह पिता हरी सिंह ने की थी।

आरोप था कि पंचायत में कराए गए कार्यों के बिलों का भुगतान होने पर जीआरएस की ओर से भुगतान राशि का 5 प्रतिशत कमीशन मांगा जा रहा था। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत लेते पकड़ा था।

केस- 2: CMHO पर 20 हजार लेने का आरोप

17 अप्रैल को राजगढ़ की सीएमएचओ डॉ. शोभा पटेल को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने पकड़ा था। आरोप था कि सुविधा डायग्नोस्टिक सेंटर में रेडियोलॉजिस्ट डॉ. आकाश तनेजा को पदस्थ करने के लिए 40 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायत के अनुसार, पहले 20 हजार रुपये की रकम ली जा चुकी थी। इसके बाद दूसरी किश्त के 20 हजार रुपये लेते समय लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई की।

केस- 3: राजस्व निरीक्षक 4 हजार लेते पकड़े गए

9 जून 2025 को लोकायुक्त संगठन भोपाल EOW ने नरसिंहगढ़ में राजस्व निरीक्षक जगदीश पटेल को 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। आरोप था कि निरीक्षक ने शिकायतकर्ता से कुल 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसमें से 6 हजार रुपये पहले ही लिए जा चुके थे। बाकी 4 हजार रुपये लेते समय लोकायुक्त की टीम ने उन्हें पकड़ लिया था।

केस- 4: मत्स्य विभाग से जुड़े मामले में ट्रैप

6 अप्रैल 2025 को लोकायुक्त भोपाल की टीम ने राजगढ़ में जिला मत्स्य महासंघ अधिकारी सुरेखा सराफ से जुड़े रिश्वत मामले में कार्रवाई की थी। इस मामले में मत्स्य महासंघ के आउटसोर्स कर्मचारी मुबारिक गौरी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। 

आरोप के अनुसार, मछली व्यवसायी अनवर कादरी पिता असलम खान, निवासी सदर बाजार मेन रोड इंदौर से ठेका सुचारू रूप से चलाने के लिए 4 लाख रुपये की मांग की गई थी। एक लाख रुपये की रकम लेते समय लोकायुक्त ने ट्रैप कार्रवाई की थी।