हिरण के शिकार के आरोप के बाद थाने में मारपीट का मामला, थाना प्रभारी हटाने की मांग पर हिंदू संगठनों का धरना

शाजापुर के सुंदरसी में हिरण के झुंड पर गोली चलाने के आरोप के बाद थाने में मारपीट का मामला सामने आया। हिंदू संगठनों ने थाना प्रभारी को हटाने की मांग को लेकर धरना दिया।

हिरण के शिकार के आरोप के बाद थाने में मारपीट का मामला, थाना प्रभारी हटाने की मांग पर हिंदू संगठनों का धरना

शाजापुर | मनीष कुमार, 

शाजापुर जिले के सुंदरसी में हिरण के झुंड पर गोली चलाने के आरोप के बाद थाने में मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के विरोध में रविवार को हिंदू संगठनों और ग्रामीणों ने सुंदरसी थाने के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी थाना प्रभारी को हटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े रहे।

दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान थाने के बाहर बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के पदाधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल के साथ एसडीओपी स्तर के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

हिरण के झुंड पर गोली चलाने का आरोप

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, शनिवार रात माधोपुर निवासी पिंटू सिसोदिया अपनी पत्नी को इलाज के लिए मकोड़ी लेकर जा रहे थे। रात करीब 8 बजे जब वे गौशाला के पास से गुजर रहे थे, तभी उन्होंने सड़क किनारे तीन लोगों को बंदूक से हिरण के झुंड की ओर गोली चलाते देखा।

आरोप है कि पिंटू सिसोदिया ने गाड़ी रोककर उनसे बंदूक चलाने का कारण पूछा और कहा कि गोली उन्हें भी लग सकती थी। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, इस दौरान सकराई निवासी आरिफ और इमरान भी वहां मौजूद थे।

इसके बाद पिंटू अपनी पत्नी के साथ घर चले गए। कुछ देर बाद राकेश सिसोदिया, कल्याण सिसोदिया, देवकरण और संजू समेत अन्य लोग मामले को लेकर सुंदरसी थाने पहुंचे।

थाने के बाहर दोनों पक्षों में विवाद और मारपीट

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इमरान को भी थाने बुलाया गया था। इसके बाद थाने के बाहर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ और मारपीट की स्थिति बन गई।

पुलिस को दिए आवेदन में माधोपुर निवासी राकेश पिता लड्डू सिसोदिया ने आरोप लगाया कि सकराई निवासी आरिफ शाह ने लकड़ी और लात-घूंसों से उसके साथ मारपीट की। आवेदन में राकेश ने बाईं पसली और दाहिने पैर के घुटने में चोट लगने की बात कही है।

वहीं, बीच-बचाव करने पहुंचे कल्याण सिसोदिया के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। आवेदन के अनुसार, कल्याण की पीठ, गर्दन और शरीर के बाईं ओर चोट आई है। आरोप है कि बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों को जान से खत्म करने की धमकी भी दी गई।

कार्रवाई को लेकर पुलिस पर लगाए आरोप

हिंदू संगठनों और ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राकेश, कल्याण, देवकरण और संजू को थाने में बैठा दिया, जबकि दूसरे पक्ष के लोगों को वहां से जाने दिया गया।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया है, जबकि जिन लोगों पर हिरण के शिकार और गोली चलाने के आरोप हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।

इसी को लेकर संगठनों ने मांग की कि उनके खिलाफ दर्ज मामला वापस लिया जाए और हिरण पर गोली चलाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

थाना प्रभारी को हटाने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों ने थाना प्रभारी को हटाने की मांग को लेकर थाने के बाहर धरना शुरू किया। उनका कहना था कि जब तक थाना प्रभारी को हटाया नहीं जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

मामले को शांत कराने के लिए एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय, बेरछा एसडीओपी प्रताप सिंह और शुजालपुर एसडीओपी निमेष देशमुख मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने संगठन के पदाधिकारियों से चर्चा की और उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।

अधिकारियों ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, संगठन के पदाधिकारी थाना प्रभारी को हटाने की मांग पर अड़े रहे।

भाजपा जिला अध्यक्ष और विधायक के पहुंचने के बाद खत्म हुआ धरना

रविवार रात करीब 8 बजे तक हिंदू संगठनों और पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत चलती रही, लेकिन किसी समाधान पर सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. रवि पांडे और शाजापुर विधायक अरुण भीमावत भी मौके पर पहुंचे।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का भरोसा देते हुए दो दिन का समय मांगा। इसके बाद हिंदू संगठनों ने फिलहाल अपना धरना समाप्त कर दिया।

एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल मामले में हिरण के शिकार के आरोप और थाने में हुई मारपीट को लेकर दोनों पक्षों के दावे सामने आए हैं। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ और किसकी भूमिका रही।