रेप, गैंगरेप से गोहत्या तक! शंकराचार्य पर POCSO FIR कराने वाले 'ब्रह्मचारी' की डरावनी क्राइम कुंडली
प्रयागराज कोर्ट के आदेश पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ POCSO FIR दर्ज. लेकिन FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी (उर्फ आशुतोष पांडे) पर खुद 21 गंभीर मुकदमे - रेप, गैंगरेप, अटेम्प्ट टू मर्डर, गोहत्या, जालसाजी, उगाही।
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में एक बड़ा विवाद छिड़ा हुआ है. ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ प्रयागराज के झूंसी थाने में POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है. आरोप है कि कुंभ मेले के दौरान उनके शिविर/गुरुकुल में दो नाबालिगों के साथ यौन शोषण किया गया।

यह FIR प्रयागराज की स्पेशल POCSO कोर्ट के आदेश पर हुई, जहां आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने धारा 173(4) CrPC के तहत अर्जी दाखिल की थी. उन्होंने दावा किया कि पीड़ित बच्चों ने खुद उन्हें घटना बताई, और सबूत के तौर पर सीडी भी पेश की।
लेकिन सवाल उठ रहे हैं आशुतोष ब्रह्मचारी पर ही!
FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी (मूल नाम आशुतोष पांडे) खुद यूपी पुलिस के रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर हैं। शामली जिले के कांधला थाने में उनकी हिस्ट्रीशीट नंबर 76A खुली हुई है।
विभिन्न स्रोतों और सोशल मीडिया पर वायरल दस्तावेजों के अनुसार:
- कुल 21 मुकदमे दर्ज (2002 से 2019 तक, कुछ में चार्जशीट दाखिल)।
- गंभीर धाराएं: रेप (376 IPC), गैंगरेप (376D), अटेम्प्ट टू मर्डर (307), उगाही/एक्सटॉर्शन (389/386), जालसाजी (420/467/468/471), घर में घुसकर मारपीट (452), धमकी (506), सांप्रदायिक वैमनस्य (153A)।
- गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट (3/5 UP Gangsters Act), गोहत्या रोकथाम अधिनियम, IT एक्ट के तहत केस।
- कुछ मामलों में NBW जारी, कई में बेल, लेकिन रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर के तौर पर दर्ज।
आशुतोष ब्रह्मचारी कौन हैं!
आशुतोष ब्रह्मचारी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं और जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य. 2022 में उन्होंने संन्यास लिया. वे ईदगाह मस्जिद के खिलाफ प्रदर्शनों में सक्रिय रहे हैं. लेकिन अब शंकराचार्य के शिष्यों ने उन्हें "पेशेवर अपराधी" और "ब्लैकमेलर" बताया है. शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को "झूठा और साजिश" बताया है. उन्होंने कहा, "हम जांच में पूरा सहयोग करेंगे, सच्चाई सामने आएगी. वहीं आशुतोष ब्रह्मचारी ने पलटवार किया कि आरोप झूठे हैं और वे न्याय के लिए लड़ रहे हैं।

यह विवाद माघ मेले में शुरू हुई मारपीट से जुड़ा दिखता है, जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले के आरोप लगाए. अब पुलिस जांच कर रही है, और सवाल है - क्या यह धार्मिक विवाद है या राजनीतिक साजिश?

