रायसेन: तेंदूपत्ता खरीदी में खुली मनमानी! 100 गड्डियों पर 5 गड्डियां फ्री, नहीं दो तो रोक दी जाती है गिनती

गरीब मजदूरों के पसीने पर कटौती के आरोप, मौके से गायब मिला वन अमला, ठेकेदारों की भूमिका पर भी उठे सवाल

रायसेन: तेंदूपत्ता खरीदी में खुली मनमानी! 100 गड्डियों पर 5 गड्डियां फ्री, नहीं दो तो रोक दी जाती है गिनती

रायसेन। जिले के बाड़ी कला क्षेत्र में चल रही तेंदूपत्ता खरीदी में अनियमितताओं के आरोप लगे है। जंगलों से दिनभर मेहनत कर तेंदूपत्ता लाने वाले मजदूरों का कहना है कि खरीदी केंद्र पर 100 गड्डियों के साथ 5 गड्डियां अतिरिक्त मांगी जा रही हैं। मजदूरों का आरोप है कि यदि अतिरिक्त गड्डियां नहीं दी जातीं, तो उनके पत्तों की गिनती तक रोक दी जाती है।

खरीदी केंद्र पर मनमानी, मजदूर परेशान

मजदूरों के अनुसार, शासन द्वारा तय मजदूरी के हिसाब से 100 गड्डियों पर करीब ₹400 भुगतान बनता है, लेकिन अतिरिक्त गड्डियां लेकर उनकी मेहनत पर ही कटौती की जा रही है। कई मजदूरों ने कैमरे के सामने ही खरीदी केंद्र पर मनमानी होने के आरोप लगाए।

वहीं मौके पर मौजूद ठेकेदार पक्ष का कहना है कि उनके द्वारा किसी भी मजदूर से अतिरिक्त गड्डियां नहीं ली जा रही हैं और खरीदी नियमानुसार की जा रही है। हालांकि, ठेकेदार के इस दावे के बीच सामने खड़े मजदूरों ने सीधे तौर पर अतिरिक्त गड्डियां लेने के आरोप लगा दिए, जिससे मौके पर विवाद जैसी स्थिति बन गई।

गरीब मजदूरों की मेहनत का हक कौन खा रहा?

जब मीडिया टीम खरीदी केंद्र पहुंची तो वहां वन विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। इससे निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरा संचालन ठेकेदार और उसके कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है।

मामले को लेकर बाड़ी रेंजर जितेन तोमर से दूरभाष पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि शिकायत की जांच करवाई जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर गरीब मजदूरों की मेहनत का हक कौन खा रहा है और जब मौके पर विभागीय अमला ही मौजूद नहीं है तो तेंदूपत्ता खरीदी की निगरानी आखिर किसके भरोसे चल रही है।