पत्नी को अफसर बनाने के लिए पति ने छोड़ी नौकरी, DSP वर्षा की कहानी
मैहर की वर्षा पटेल MPPSC-2024 परीक्षा पास कर DSP का पद हासिल किया। मां बनने के कुछ ही दिन बाद अपनी नवजात बच्ची के साथ इंटरव्यू देकर सुपर मॉम का टैग हासिल किया।
MPPSC-2024 का रिजल्ट 12 सितम्बर को जारी किया गया. जिसमें मैहर की वर्षा पटेल ने DSP का पद हासिल किया है. हर उम्मीदवार की तरह वर्षा भी अपनी संघर्ष की कहानी हैं. वर्षा ने पांचवे एटेम्पट में MPPSC की परीक्षा क्लियर की. हैरानी की बता तो ये हैं की जब वो एग्जाम दे रही थी उस समय वो प्रेग्नेंट थी. बावजूद इसके उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी छोटी सी बच्ची को गोद में लेकर इंटरव्यू देने भोपाल पहुंच गईं.

वर्षा बनी सुपर मॉम
वर्षा मैहर के भरेवा गांव की रहने वाली हैं. 2015 में ही उनके पिता का निधन हो गया था. जिसके बाद परिवार को दमोह छोड़कर मैहर जाना पड़ा. बचपन से ही वर्षा अफसर बनना चाहती थी. लेकिन घर की परिस्थिति ठीक नहीं थी. 2017 में वर्षा की शादी रामनगर निवासी संजय पटेल से हो गई. संजय ने वर्षा के लिए अपनी वाराणसी में मैनेजर की जॉब छोड़ दी और तयारी के लिए इंदौर भेज दिया.

हर साल वो परीक्षा देती लेकिन नाकामयाबी ही हाथ लगती. 2024 में जब वर्षा परीक्षा के लिए बैठी तब वह गर्भवती थी. 22 जुलाई 2025 को सिजेरियन ऑपरेशन से वर्षा ने बेटी 'श्रीजा' को जन्म दिया था. घाव अभी भरे भी नहीं थे की 26 दिन बाद, 18 अगस्त को MPPSC का इंटरव्यू था. वर्षा अपनी बेटी के साथ इंटरव्यू देने पहुंची.
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12 सितम्बर को जैसे ही रिजल्ट आया वर्षा के घर में खुशी का माहौल बन गया. कड़ी मेहनत और कई प्रयास के बाद वो DSP बनी गई. इतना ही नहीं वर्षा को प्रदेश की महिला वर्ग में पहला रैंक भी मिला हैं. जिसकी वजह से अब वो प्रदेश में सुपर मॉम के नाम से जानी जा रही हैं.

