VIT भोपाल में दूषित खाना-पानी से 300 छात्र बीमार, NSUI ने कार्रवाई न होने पर घेराव की चेतावनी दी
वीआईटी यूनिवर्सिटी में स्वास्थ्य संकट गहराया, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप।
भोपाल। मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित VIT विश्वविद्यालय एक बार फिर गंभीर लापरवाही के आरोपों के चलते सुर्खियों में है। हाल ही में विश्वविद्यालय परिसर में दूषित पानी और भोजन के सेवन से करीब 300 से अधिक छात्र-छात्राएं बीमार हो गए हैं। इनमें से दो दर्जन से ज्यादा छात्रों में टाइफाइड संक्रमण की पुष्टि होने से स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, बीमार छात्रों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से भोजन और पेयजल की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। परिणामस्वरूप इतनी बड़ी संख्या में छात्र बीमार पड़ गए।

गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी दूषित भोजन के कारण एक छात्रा की मौत हो चुकी है और कई छात्र बीमार पड़े थे। उस समय छात्रों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था, जिसमें तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं। बावजूद इसके, व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होना प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है।
इस पूरे मामले को लेकर एनएसयूआई ने भी कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि वे लगातार विश्वविद्यालय में हो रही अनियमितताओं और छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। इस संबंध में मानवाधिकार आयोग में शिकायत भी की गई थी, जिस पर संबंधित विभागों से जवाब मांगा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री और निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग का घेराव करेंगे। फिलहाल, इस घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश का माहौल है और सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
Varsha Shrivastava 
