गेहूं खरीदी 80 लाख टन तक पहुंचाने की तैयारी, सरकार किसानों के हित में प्रतिबद्ध – उदय प्रताप सिंह
9 अप्रैल से शुरू होंगे गेहूं उपार्जन केंद्र, किसान मोर्चा ने मुख्यमंत्री का जताया आभार।
मध्य प्रदेश में होने वाली गेहूं खरीदी को लेकर परिवहन व शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में काम कर रही है। पिछले साल जहां क्षेत्र से 77 लाख टन तक गेहूं की खरीदी की गई थी। वहीं इस बार केंद्र सरकार के नेतृत्व में प्रदेश सरकार 80 लाख टन तक गेहूं की खरीदी करेगी। किसानों को समय पर भुगतान हो समय से उनकी खरीदी हो इसके लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। वहीं, कांग्रेस द्वारा किए जा रहे किसान आंदोलन को लेकर मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुझे लगता है कि उनके पास और कोई विशेष काम नहीं है। विपक्ष के और अन्य काम भी होते हैं। कांग्रेस अपने संगठन पर ध्यान दें। प्रदेश में किसानों की चिंता करने की उनको आवश्यकता नहीं है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही हैं और किसान हित के लिए प्रतिबद्ध है।

सिंहस्थ को लेकर उदय प्रताप सिंह ने कहा सरकार द्वारा कल बैठक बुलाई गई थी। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में बैठक हुई है। जिसमें यह निर्णय लिया गया है कि सिंहस्थ की तैयारी डेडलाइन के पहले पूर्ण हो जिसके लिए किसी भी प्रकार की बजट की कोई कमी नहीं है सरकार सिंहस्थ को बेहतर तरीके से काम करने को लेकर कार्य रही है।
गेहूं उपार्जन केंद्रों के संचालन को लेकर किसान मोर्चा ने CM का जताया आभार
मध्यप्रदेश में 9 अप्रैल से गेहूं उपार्जन केंद्रों के संचालन को लेकर किसान मोर्चा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार व्यक्त किया है। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने इसे किसानों के हित में लिया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया। भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए जयपाल सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में लगभग 4000 उपार्जन केंद्र शुरू किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिलेगी। 9 अप्रैल से इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभागों में गेहूं की तुलाई शुरू होगी, जबकि अन्य संभागों में 15 अप्रैल से तुलाई प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।

उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इसमें छांव, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि 9 अप्रैल को संगठन के पदाधिकारी उपार्जन केंद्रों पर पहुंचकर छोटे किसानों का स्वागत और सम्मान करेंगे। साथ ही किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और संगठन शासन-प्रशासन के साथ मिलकर उनके सहयोग में खड़ा रहेगा।
Varsha Shrivastava 
