Bhopal रेलवे ने रचा इतिहास:1852 करोड़ की रिकॉर्ड कमाई, मालभाड़ा बना सबसे बड़ा सहारा
भोपाल रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1852.06 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड आय दर्ज कर शानदार प्रदर्शन किया, जो पिछले वर्ष से 8.77% अधिक है।डिजिटल सुविधाओं और स्टेशन विकास के साथ भविष्य की रेल परियोजनाओं पर भी तेजी से काम जारी है।
भोपाल: भारतीय रेलवे के भोपाल रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 1852.06 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड आय दर्ज की है। यह पिछले वर्ष 2024-25 की तुलना में 8.77 प्रतिशत अधिक है, जो मंडल की बढ़ती कार्यक्षमता और बेहतर प्रबंधन को दर्शाता है।
मालभाड़ा बना आय का सबसे बड़ा स्रोत
मंडल की कुल कमाई में मालभाड़ा (फ्रेट) का सबसे बड़ा योगदान रहा। इस सेक्टर से 896.38 करोड़ रुपये की आय हुई, जिसमें 13.99 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। माल ढुलाई का कुल वजन बढ़कर 7.23 मिलियन टन तक पहुंच गया, जो औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी का संकेत है।

यात्री सेवाओं में सुधार, नई ट्रेनों की सौगात
यात्री सेवाओं में भी इस वर्ष सकारात्मक बढ़ोतरी देखी गई। कुल 414.80 लाख यात्रियों ने भोपाल मंडल की ट्रेनों में सफर किया, जिससे यात्री आय में 6.50 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यात्रियों की सुविधा के लिए भोपाल-धनबाद (त्रि-साप्ताहिक) और भोपाल-चोपन (साप्ताहिक) एक्सप्रेस जैसी नई ट्रेनें शुरू की गईं। साथ ही प्रमुख ट्रेनों में एलएचबी कोच लगाए गए, जिससे सफर अधिक सुरक्षित और आरामदायक हुआ।
स्पेशल ट्रेनें और टिकट चेकिंग से बढ़ी आय
अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए वर्षभर में 8923 विशेष ट्रेनें चलाई गईं। बिना टिकट यात्रा के खिलाफ सख्ती से अभियान चलाकर 39.18 करोड़ रुपये की वसूली की गई और कुल 6.16 लाख मामले दर्ज हुए। खास बात यह रही कि एक टिकट चेकिंग कर्मचारी ने अकेले 1 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूल कर नया कीर्तिमान बनाया।
डिजिटल सुविधाएं और स्टेशन विकास पर फोकस
डिजिटल सेवाओं के विस्तार के तहत यूटीएस मोबाईल के माध्यम से टिकट बुकिंग पर 3 प्रतिशत छूट दी जा रही है, जिसका लाभ 25.58 लाख यात्रियों ने उठाया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नर्मदापुरम और शाजापुर स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा हो चुका है, जबकि 13 अन्य स्टेशनों पर काम जारी है।भोपाल स्टेशन पर 100 बेड वाला पॉड रिटायरिंग रूम और 300 यात्रियों की क्षमता वाला एग्जीक्यूटिव लाउंज और प्लेटफॉर्म न. 01 पर फूड प्लाजा फिर से शुरू किया गया है। साथ ही मंडल के 49 स्टेशनों को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया जा चुका है।
भविष्य की परियोजनाओं से और मिलेगी रफ्तार
आने वाले समय में रामगंज मंडी-भोपाल और इंदौर-बुधनी नई रेल लाइनों पर तेजी से काम जारी है। इसके अलावा बीना-इटारसी के बीच चौथी रेल लाइन को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे रेल यातायात और अधिक सुगम और तेज होने की उम्मीद है।
sanjay patidar 
