MP News: गेहूं खरीदी में देरी पर भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन, कलेक्टर ऑफिस का किया घेराव
गेहूं खरीदी में देरी और किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने राजधानी भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया और किसानों के मुद्दों पर प्रदेश सरकार घेरा।
भोपाल। गेहूं खरीदी में देरी और किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने राजधानी में बड़ा प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और किसानों ने रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने किया। इस दौरान पूर्व मंत्री पीसी शर्मा सहित कई नेता, किसान सेवा दल के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं।
एक महीना लेट खरीदी, वह भी अधूरी
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि गेहूं खरीदी इस बार एक महीने देरी से शुरू हुई और अभी भी पूरी तरह नहीं हो पाई है। पिछले साल के मुकाबले खरीदी का लक्ष्य भी कम रखा गया है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने “किसानों के सम्मान में कांग्रेस मैदान में” का नारा देते हुए सरकार पर किसान विरोधी नीतियों का आरोप लगाया।

कार्यकर्ताओं को तिलक लगाकर पब्लिसिटी कर रही भाजपा
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि आज कांग्रेस ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया हैं किसानों की गेहूं खरीदी 20 मार्च से होनी थी जो कि सरकार ने नहीं की हर बार तारीख पर तारीख बढ़ाते रहे। सरकार ने 28 मार्च ऋण वसूली की तारीख फिक्स कर दी जो किसान पैसा नहीं दे पाया उसको डिफॉल्ट कर दिया हैं । आज से ही गेहूं खरीदा जाए 25 प्रतिशत नहीं बल्कि 100 प्रतिशत गेहूं की खरीदी की जाए। जिस किसान ने गेहूं बेच दिया उसको सरकार भावांतर दे। आगे पूर्व मंत्री ने कहा की अपने कार्यकर्ताओं को तिलक लगाकर भाजपा पब्लिसिटी कर रही हैं।

भोपाल कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसान का भला नहीं चाहती है।राजस्थान में 16 मार्च से गेहूं खरीदी चालू हो गई है। और हमारे मध्यप्रदेश के किसानों को तारीख पर तारीख मिल रही है।
मध्यप्रदेश का 50 प्रतिशत किसान डिफॉल्टर हो गया है।

कांग्रेस की मुख्य मांगें-
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रमुख मांगें शामिल रहीं-
- ओलावृष्टि और बारिश से खराब फसल की बिना सख्त मानकों के खरीदी की जाए
- तुलाई केंद्रों पर समयबद्ध खरीदी और धर्म कांटा से अनिवार्य तुलाई की व्यवस्था
- तुलाई के 7 दिन के भीतर किसानों के खाते में भुगतान किया जाए
- खरीदी केंद्रों पर पानी और छांव जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो
- केसीसी और सहकारी ऋण वसूली की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए
- खाद की कमी, मनमाने बिजली बिल और झूठे प्रकरणों पर रोक लगे
- पराली या आग से नुकसान पर किसानों पर दर्ज केस वापस लिए जाए
- बड़े और मध्यम किसानों के लिए प्रस्तावित खरीदी सीमा (लगभग 25%) का फैसला वापस लिया जाए
Varsha Shrivastava 
