ईरान ने अमेरिका से बातचीत से इनकार कर दिया: लेबनान में सीजफायर लागू होने तक कोई डील नहीं

लेबनान में इजरायली हमलों और बढ़ती तबाही के बीच ईरान ने अमेरिका के साथ होने वाली प्रस्तावित शांति वार्ता को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी मीडिया 'फार्स न्यूज' के अनुसार, तेहरान ने साफ कर दिया है कि जब तक लेबनान में पूर्ण सीजफायर नहीं होता, वह किसी भी डील का हिस्सा नहीं बनेगा।

ईरान ने अमेरिका से बातचीत से इनकार कर दिया: लेबनान में सीजफायर लागू होने तक कोई डील नहीं

इजराइली हमलों के बाद लेबनान में भारी तबाही मची हुई है। अब तक हजारों घर ध्वस्त हो चुके हैं और 8 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं। इस पृष्ठभूमि में ईरान ने अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता से इनकार कर दिया है। ईरानी राज्य मीडिया फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान ने साफ कहा है कि जब तक लेबनान में पूर्ण सीजफायर लागू नहीं होता, वह किसी भी तरह की बातचीत या डील में शामिल नहीं होगा। ईरान ने पाकिस्तान को भी आधिकारिक रूप से सूचित कर दिया है कि इस्लामाबाद में प्रस्तावित बैठक में उसका कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं आएगा।

वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट को फर्जी बताया:
इससे पहले अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जनरल ने दावा किया था कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल (जिसमें संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल थे) गुरुवार शाम पाकिस्तान पहुंच गया है। फार्स न्यूज ने इसे पूरी तरह फर्जी करार दिया और कहा कि दोनों नेता अभी भी तेहरान में हैं। कोई भी अधिकारी इस्लामाबाद नहीं गया है।

क्या था पिछला समझौता:
7 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच 2 सप्ताह के सीजफायर पर सहमति बनी थी, जिसकी मध्यस्थता पाकिस्तान ने की थी। इसमें तय हुआ था कि दोनों देशों के प्रतिनिधि इस्लामाबाद में मिलेंगे। बातचीत शनिवार (11 अप्रैल) को होनी थी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल आज पाकिस्तान पहुंचने वाला था। लेकिन ईरान का कहना है कि इजराइल के लगातार लेबनान हमले सीजफायर का उल्लंघन हैं। तेहरान इसे अमेरिका की जिम्मेदारी मानता है और लेबनान में शांति को किसी भी नई बातचीत की अनिवार्य शर्त बता रहा है।

बातचीत के मुख्य मुद्दे:
ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम:

अमेरिका का रुख - कोई संवर्धन (enrichment) नहीं, सारा हाई-लीवल यूरेनियम बाहर भेजना और सुविधाएं बंद या सीमित करना।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज:
ईरान नियंत्रण और टोल रखना चाहता है, अमेरिका पूरी तरह खुला और बिना बाधा वाला रास्ता चाहता है।

बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम:
अमेरिका लंबी दूरी की मिसाइलों पर रोक लगाना चाहता है।


प्रतिबंध हटाना:
ईरान सभी अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय सैंक्शंस तुरंत हटाने, फ्रोजन एसेट्स वापस और मुआवजे की मांग कर रहा है।

फिलहाल क्या स्थिति:
ईरान ने साफ कर दिया है कि लेबनान में सीजफायर बिना कोई प्रगति संभव नहीं। पाकिस्तान की मध्यस्थता अब चुनौतीपूर्ण हो गई है। क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है और शांति प्रयास अनिश्चित काल के लिए टल गए लगते हैं।