जीतू पटवारी का सरकार पर हमला: विधायक की सदस्यता खत्म करने से लेकर किसान मुद्दों तक उठाए गंभीर सवाल

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitu Patwari ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर लोकतंत्र कमजोर करने, किसानों की अनदेखी और गेहूं खरीदी में लापरवाही जैसे कई गंभीर आरोप लगाए.

जीतू पटवारी का सरकार पर हमला: विधायक की सदस्यता खत्म करने से लेकर किसान मुद्दों तक उठाए गंभीर सवाल

मध्य प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष Jitu Patwari ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा और कई बड़े आरोप लगाए.

विधायक की सदस्यता खत्म करने पर विवाद

पटवारी ने आरोप लगाया कि एक नोटिस के आधार पर ही विधायक की सदस्यता समाप्त कर दी गई, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि जब इस मामले में विधानसभा सचिव से सवाल किए गए, तो वे जवाब देने की बजाय वहां से चले गए. पटवारी ने इसे लोकतंत्र को कमजोर करने वाला कदम बताया. 

 राजेंद्र भारतीय मामले का जिक्र

उन्होंने कहा कि Rajendra Bharatiya को कोर्ट ने अपील के लिए 60 दिन का समय दिया है, बावजूद इसके जल्दबाजी में कार्रवाई की गई.

विधानसभा अध्यक्ष और नेताओं पर आरोप

पटवारी ने Narendra Singh Tomar पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका दायित्व विधायकों की रक्षा करना है, लेकिन वे अपनी संवैधानिक भूमिका निभाने में विफल रहे हैं.  साथ ही Narottam Mishra पर पैड न्यूज से जुड़ा मामला होने का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष विपक्षी विधायकों के साथ अन्याय कर रहे हैं. 

“किसान कल्याण नहीं, किसान शोषण वर्ष”

सरकार द्वारा मनाए जा रहे "किसान कल्याण वर्ष" पर तंज कसते हुए पटवारी ने कहा कि यह वास्तव में "किसान शोषण वर्ष" है. उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने किसानों के लिए तय 50% बजट भी खर्च नहीं किया.

 बारिश-ओलावृष्टि से फसल बर्बाद

पटवारी ने कहा कि हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि से हजारों किसानों की फसल खराब हो गई, लेकिन सरकार राहत देने में नाकाम रही है. सोयाबीन, मक्का और केला जैसी फसलों के किसानों की स्थिति भी खराब बताई गई. 

 गेहूं खरीदी में गड़बड़ी के आरोप

पटवारी ने आरोप लगाया कि 2026 में प्रदेश को 10 करोड़ बारदानों की जरूरत थी, लेकिन सरकार ने पर्याप्त आवेदन नहीं किया.

उन्होंने कहा:

पहले 16 मार्च, फिर 1 अप्रैल और अब 10 अप्रैल तक खरीदी तारीख बढ़ाई गई. बारदानों की कमी का बहाना बनाया जा रहा है. किसान मजबूर होकर कम दाम पर व्यापारियों को गेहूं बेच रहे है.  पटवारी ने कहा कि सरकार ने 50% किसानों को डिफॉल्टर बना दिया है और जानबूझकर उन्हें इस स्थिति में धकेला जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सिर्फ भाषणों में किसानों का भला कर रही है.