मऊगंज में शिक्षकों का हल्ला बोल: TET की अनिवार्यता के विरोध में गरजे शिक्षक, तालाबंदी की चेतावनी दी
न्याय यात्रा के बाद अब भोपाल में आमरण अनशन की तैयारी, ई-अटेंडेंस और वरिष्ठता को लेकर भी जताया आक्रोश
मऊगंज से राजेंद्र पयासी की रिपोर्ट।
मऊगंज जिला मुख्यालय पर रविवार को शिक्षक संघर्ष समिति के बैनर तले जिले भर के शिक्षकों ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट मऊगंज पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार की हालिया नीतियों पर सवाल उठाते हुए इसे वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के सम्मान के खिलाफ बताया।
अपने उद्बोधन में बढ़ैया हाई स्कूल की प्रभारी प्राचार्य डॉ. विभा मिश्रा ने कहा कि शासन द्वारा TET परीक्षा को अनिवार्य किया जाना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा, हमारी नियुक्ति जिस समय हुई, उस समय प्रचलित नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई थी। सालों तक हमसे विद्यालय संचालन के साथ-साथ शासन की विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन कराया गया। अब वर्षों की सेवा के बाद योग्यता पर प्रश्न उठाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक वर्ग परीक्षा से पीछे नहीं हट रहा है, लेकिन शासन को उनकी अन्य जायज मांगों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए। उन्होंने शासन की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि शिक्षकों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा और स्कूलों में तालाबंदी कर सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
शिक्षक महेश कुमार पांडेय ने जानकारी दी कि अपनी मांगों को लेकर शिक्षकों द्वारा 13 सितंबर से न्याय यात्रा प्रारंभ की गई है। उन्होंने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता का लाभ देना, TET परीक्षा से छूट प्रदान करना, रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया को तत्काल प्रारंभ करना और ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता को समाप्त कर उसे वैकल्पिक किया जाना शामिल है।
वहीं, शिक्षक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आर.बी. सिंह ने कहा कि यदि शासन द्वारा शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो संगठन द्वारा आगामी 1 अक्टूबर से भोपाल में आमरण अनशन की रणनीति पर विचार किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
Varsha Shrivastava 
