'छात्रों से बढ़कर कोई पद नहीं' -धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश और छात्रों को प्राथमिकता देने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार NEET पेपर लीक मामले में सुधारों और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस फैसले की तारीफ की और इसे राष्ट्रीय हित को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर रखने वाला कदम बताया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है। सरकार पेपर लीक के खिलाफ और सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है। शाह ने देश के युवाओं को भरोसा दिलाया कि NEET से प्रभावित स्टूडेंट्स को इंसाफ मिलेगा।

एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने लिखा-
"भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए देश, हमारे युवा और छात्र किसी भी पद से कहीं ज्यादा अहमियत रखते हैं। आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी का अपने पद से इस्तीफा इसी सिद्धांत को दर्शाता है।"
भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थी हैं। आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री @dpradhanbjp जी का अपने पद से इस्तीफा इसी को दर्शाता है।
— Amit Shah (@AmitShah) July 25, 2026
मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के… https://t.co/p12wLKGUkm
अपने पोस्ट में उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल पर भी बात की। उन्होंने बताया कि देश में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) को असरदार ढंग से लागू करने, पीएम श्री स्कूलों के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करने और इंडस्ट्री-एकेडेमिया के बीच कोऑर्डिनेशन करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

उन्होंने कहा कि परीक्षाओं को और बेहतर, पारदर्शी और छात्रों के अनुकूल बनाने के लिए धर्मेंद्र प्रधान के प्रयास सराहनीय रहे हैं। प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और लोग जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

