राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए छुट्टी की मांग, कांग्रेस ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन

Chhatron Ki Goonj Event : कांग्रेस का कहना है कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के मुद्दों पर संवाद का मंच है, इसलिए छात्रों को इसमें शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए।

राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए छुट्टी की मांग, कांग्रेस ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन

Chhatron Ki Goonj Event : मध्य प्रदेश इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 19 सितंबर को प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' (Chhatron Ki Goonj)  कार्यक्रम को लेकर सियासी और छात्र राजनीति दोनों तेज हो गई हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस नेताओं ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपकर 19 सितंबर को विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में अवकाश घोषित करने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के मुद्दों पर संवाद का मंच है, इसलिए छात्रों को इसमें शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए।

दरअसल,  इंदौर में राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम से पहले कांग्रेस ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने नई मांग रख दी है। कांग्रेस नेताओं ने कुलपति को दिए ज्ञापन में कहा कि विश्वविद्यालय से संबद्ध करीब 200 से अधिक महाविद्यालयों और 30 से ज्यादा विश्वविद्यालय परिसरों एवं विभागों के हजारों विद्यार्थी इस कार्यक्रम में भाग लेना चाहते हैं। ऐसे में यदि 19 सितंबर को अवकाश घोषित किया जाता है तो अधिक से अधिक छात्र इस संवाद का हिस्सा बन सकेंगे।

वही कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े उनके अनुभव, समस्याएं और सुझाव सुनेंगे। 

उनका दावा है कि कार्यक्रम में पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताएं, शिक्षा व्यवस्था की खामियां, रोजगार और विद्यार्थियों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी, ताकि इन विषयों को सरकार के सामने प्रभावी ढंग से रखा जा सके।

कांग्रेस ने यह भी तर्क दिया कि जिस तरह विभिन्न सामाजिक और वैचारिक संगठनों के कार्यक्रमों में छात्र भाग लेते हैं, उसी तरह विद्यार्थियों को इस संवाद कार्यक्रम में शामिल होने का भी अवसर मिलना चाहिए। उनका कहना है कि यह केवल राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज को मंच देने का प्रयास है।