मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र: पेड़ कटाई, गोवंश, फायर सेफ्टी और शहरी विकास पर गरमाई बहस
एमपी विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन आवारा पशुओं से फसल नुकसान और ट्रैफिक समस्या का मुद्दा उठेगा, जिस पर कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल ध्यानाकर्षण करेंगे।
भोपाल, 25 फरवरी 2026। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन सदन में सिंगरौली की कोल माइंस, निराश्रित गोवंश, फायर सेफ्टी कानून और शहरी अधोसंरचना से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली.
सिंगरौली में पेड़ कटाई पर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने
सिंगरौली में अदाणी समूह को आवंटित कोल माइंस के लिए प्रस्तावित पेड़ कटाई के मुद्दे पर भाजपा विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि इससे क्षेत्र का “एक पैसे का भी नुकसान नहीं होगा. उनका तर्क था कि कोयले के बिना बिजली और बिजली के बिना पानी संभव नहीं है, इसलिए ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए खनन आवश्यक है.
उन्होंने कहा कि पेड़ कटाई से अधिक महत्वपूर्ण विषय विस्थापन और मुआवजे का है, जिस पर सरकार काम कर रही है. प्रदूषण के सवाल पर उन्होंने स्वीकार किया कि जहां उद्योग होगा, वहां प्रदूषण भी होगा, लेकिन उसके नियंत्रण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.
खदान आवंटन को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नीलामी प्रक्रिया के तहत होता है और सिंगरौली में अदाणी के अलावा Essar Group, Jaypee Group तथा Northern Coalfields Limited जैसी कंपनियां भी कार्यरत हैं।
गोवंश के मुद्दे पर विपक्ष का हमला
कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने प्रदेश में निराश्रित गोवंश से किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान और यातायात बाधा का मुद्दा उठाया. कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने कहा कि किसान मजबूरी में खेतों में करंट लगा देते हैं, जिससे गोवंश की मौत और कभी-कभी बच्चों के भी हादसे हो जाते हैं. उन्होंने गोशालाओं के संचालन में बाहरी कंपनियों की संभावित भूमिका पर सवाल उठाए.
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार गोशालाएं खोलने की योजना बना रही है और प्रति पशु लगभग 40 रुपये दिए जाने की जानकारी है. उन्होंने पूछा कि क्या इस व्यवस्था में बड़े उद्योगपतियों या बाहरी कंपनियों को शामिल किया जाएगा और क्या वे स्थानीय धार्मिक भावनाओं को समझ पाएंगे.
फायर सेफ्टी एक्ट को लेकर चिंता
जबलपुर से भाजपा विधायक अभिलाष पाण्डेय ने बढ़ती आगजनी की घटनाओं पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि शहर के कई हिस्सों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच पातीं. उन्होंने नियमित फायर ऑडिट, सख्त फायर सेफ्टी कानून और बीमा दावों की पारदर्शी व्यवस्था की जरूरत बताई. उनका कहना था कि करोड़ों के नुकसान के मुकाबले मुआवजा बेहद कम मिलता है.
इस पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि विभागीय बैठकें हो चुकी हैं और 74वें संविधान संशोधन के तहत नगर निगमों को अधिकार प्राप्त हैं. उन्होंने कहा कि फायर एक्ट का मसौदा तैयार किया जा रहा है और 2–3 महीने में कानून लाया जाएगा.
मंत्री ने आश्वासन दिया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां 5 से 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचें, इसके लिए नए फायर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे और अन्य राज्यों के कानूनों का अध्ययन किया जा रहा है.
सड़क निर्माण के साथ स्ट्रीट लाइट-सिग्नल एक एजेंसी से कराने का सुझाव
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने लोक निर्माण विभाग से जुड़े कार्यों पर सुझाव देते हुए कहा कि सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट और ट्रैफिक सिग्नल का काम एक ही एजेंसी से कराया जाए. इससे मेंटेनेंस में एकरूपता आएगी और बार-बार की समस्याओं से बचा जा सकेगा. विधायक ने भोपाल में कोलार सिक्स लेन और बैरागढ़ एलिवेटेड कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर में ट्रैफिक प्रबंधन को और मजबूत करने की आवश्यकता है.
साथ ही उन्होंने कोलार सिक्स लेन को रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 तक विस्तारित करने की मांग की, ताकि शहर की कनेक्टिविटी बेहतर हो सके.
सदन में PWD अनुदान मांगों पर तीखी नोकझोंक, मंत्री राकेश सिंह ने कटारे को दी नसीहत
मध्यप्रदेश विधानसभा में लोकनिर्माण विभाग (PWD) की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनकी बातें कई बार हल्की होती हैं, और सदन में संवेदनशीलता बनाए रखना जरूरी है. मंत्री ने कहा कि वे लोकसभा में आठ साल तक व्हिप चीफ रह चुके हैं और सदन की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए.यह विवाद तब सामने आया जब कांग्रेस विधायकों के बोलने के तुरंत बाद मंत्री ने उनके क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों की जानकारी दे दी। इस पर कटारे ने कहा कि मंत्री को यह जवाब अपने समापन वक्तव्य में देना चाहिए था.
इस दौरान खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी कटारे पर टिप्पणी की, जिस पर कटारे ने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया. वहीं कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह ने सड़क सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि केवल बजट बढ़ने से गुणवत्ता नहीं मापी जा सकती. भोपाल-जबलपुर फ्लाईओवर, ग्वालियर और जबलपुर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने इंडिपेंडेंट क्वालिटी ऑडिट, ठेकेदारों की ब्लैकलिस्टिंग और जवाबदेही तय करने की मांग की. अमरपाटन क्षेत्र की सड़कों को लेकर उठे सवालों पर मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि दुर्घटनाओं के कारणों की जांच कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि अमरपाटन क्षेत्र के लिए 221 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं.

