वाराणसी में CM मोहन यादव ने लिया कचौड़ी-जलेबी का स्वाद

एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वाराणसी दौरे के दौरान कचौड़ी-जलेबी का स्वाद लिया और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निरीक्षण किया। यूपी-एमपी सहयोग सम्मेलन में दोनों राज्यों ने व्यापार बढ़ाने और ओडीओपी उत्पादों के आदान-प्रदान को मजबूत करने की योजना बनाई।

वाराणसी में CM मोहन यादव ने लिया कचौड़ी-जलेबी का स्वाद
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव इन दिनों यूपी के दौरे पर हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर उनकी कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जहां वह बनारस की गलियों में कचौड़ी और जलेबी खाते नजर आ रहे हैं।

दरअसल, जब उनका काफिला एयरपोर्ट की तरफ जा रहा था, तभी उन्हें रास्ते में मिंट हाउस स्थित श्रीराम भंडार दिखा। फिर क्या, उनका काफिला रुका और उन्होंने वहां की प्रसिद्ध कचौड़ी, जलेबी और छाछ का स्वाद चखा।

इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी सीमा यादव भी नजर आईं। मोहन यादव ने कहा कि "स्थानीय स्वाद के अनुरूप व्यंजन हमारे हर प्रांत, हर शहर की विशेषता हैं।"

बता दें कि सीएम मोहन यादव एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन के लिए 31 मार्च को वाराणसी पहुंचे थे। वहां सबसे पहले उन्होंने काशी विश्वनाथ के दर्शन किए और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण किया।

इस दौरान उन्होंने क्राउड फ्लो डिजाइन, इंफ्रास्ट्रक्चर और तीर्थयात्री प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन किया। साथ ही भीड़ प्रबंधन, दर्शन व्यवस्था, मोबाइल ऐप सहित पूरे सिस्टम का निरीक्षण किया और कहा कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर विकास की नई इबारत लिखेंगे।

यूपी-एमपी सहयोग सम्मेलन के बाद दोनों राज्य ओडीओपी उत्पादों का सालाना 500 करोड़ का आयात-निर्यात करने की योजना बना रहे हैं, जिसे शुरू करने के लिए उद्योग विभाग तैयारी में जुट गया है।

इसका मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों की सीमाओं को व्यापारिक हब बनाना है, साथ ही दोनों राज्यों के स्थानीय कारीगरों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने उत्पाद बेच सकें।

खबर यह भी है कि दोनों राज्यों के प्रमुख शहरों में संयुक्त प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही उत्पादों की बिक्री के साथ क्रेता-विक्रेता सम्मेलनों में दीर्घकालिक व्यापारिक अनुबंध भी किए जाएंगे।