प्रॉपर्टी टैक्स वृद्धि पर मेयर का यू टर्न, 10 फीसदी बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया वापस

नगर निगम सतना के मेयर योगेश ताम्रकार ने 10% प्रॉपर्टी टैक्स वृद्धि का फैसला वापस लिया, चालू वित्तीय वर्ष में बढ़ी राजस्व वसूली को देखते हुए। बजट पास होते समय पार्षद निधि, विकास कार्य और सदन में हंगामा भी सामने आया।

प्रॉपर्टी टैक्स वृद्धि पर मेयर का यू टर्न, 10 फीसदी बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया वापस
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सतना। वित्तीय वर्ष 2026-27 का नगर निगम सतना का बजट मंगलवार को परिषद की विशेष बैठक में पेश किया गया। और बजट चर्चा पर हंगामे के बीच बजट पास भी हो गया। 4 अरब 66 करोड़ 66 लाख की आय वाले बजट में 19 करोड़ 66 लाख का घाटा दिखाया गया है। फाइनेंशियल ईयर के अंतिम माह की अंतिम तारीख को निगम परिषद की बजट बैठक में प्रॉपर्टी टैक्स की वृद्धि को लेकर हंगामा होने के आसार थे।

लेकिन महापौर योगेश ताम्रकार ने 9 जनवरी को मेयर इन काउंसिल की बैठक में 10 प्रतिशत प्रॉपर्टी टैक्स वृद्धि के निर्णय को समय रहते वापस लेकर सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष को भी चौंका दिया। मेयर ने चालू वित्त वर्ष का लेखा जोखा सदन के पटल पर धरते हुए बताया कि अंतिम दिन तक लगभग 26 करोड़ टैक्स की वसूली राजस्व विभाग द्वारा की गई है जो पिछले वित्तीय वर्ष से 10 फीसदी से अधिक है। इस लिए टैक्स वृद्धि का एमआईसी का निर्णय वापस लिया जाता है।

राजस्व वसूली पर नेताप्रतिपक्ष ने उठाए सवाल

बजट की विशेष बैठक में परिषद की सदन के नेताप्रतिपक्ष रवेन्द्र सिंह मिथलेश ने राजस्व वसूली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सदन को यह तो बता दिया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में 26 करोड़ की राजस्व वसूली की गई लेकिन यह नहीं बताया जाता कि कितनी राजस्व वसूली करनी थी। उन्होंने कहा कि वसूली में जमीनी स्तर पर पारदर्शिता की कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व की जितनी वसूली होती है उतनी ही अधिकारियों कर्मचारियों की जेब में चली जाती है।

पार्षद निधि पर मेयर ने कमिश्नर को घेरा

25 लाख पार्षद निधि की लंबित फाइलों के मुद्दे को पार्षद अर्चना गुप्ता और अभिषेक तिवारी ने उठाते हुए कमिश्नर शेर सिंह मीना से जवाब जानना चाहा। इस दौरान मेयर योगेश ताम्रकार ने भी कमिश्नर को घेरते हुए लंबित फाइलों को सदन में मंगा कर उनको क्लियर करने को कहा। इस बीच कमिश्नर ने सारे वार्डों में करोड़ों के विकास कार्य होने का हवाला देते हुए पार्षद निधि मामले से किनारा करना चाहा। जिस पर पार्षद अभिषेक तिवारी ने पार्षद निधि के औचित्य पर ही सवाल खड़े कर दिए। कमिश्नर ने दो टूक कह दिया कि मैं आपके मुंह नहीं लगना चाहता.... इसके बाद माहौल गरमा गया।

तू तू मैं मैं देख स्पीकर सदन छोड़कर चले गए

सदन में बजट पर चर्चा के दौरान सीवर लाइन, दूषित पेयजल, स्ट्रीट लाइट समेत विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के पार्षद अमित अवस्थी द्वारा टोंका-टाकी करने पर सत्ता पक्ष के सीनियर पार्षद गोपी गेलानी ने जब सदन की नैतिकता पर बोलना शुरू किया तो विपक्ष के पार्षदों और सत्ता पक्ष के पार्षद मनीष टेकवानी के बीच तीखी बहस होने लगी। नौबत तू-तू मैं-मैं तक पहुंचती देख स्पीकर राजेश चतुर्वेदी सदन छोड़कर चले गए।